कर्नाटक में 9वीं की छात्रा ने बच्चे को दिया जन्म: स्कूल के वॉशरूम में डिलीवरी, बाल आयोग ने प्रिंसिपल के खिलाफ FIR के आदेश दिए
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कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शशिधर कोसाम्बे ने अधिकारियों को इस केस में FIR करने के आदेश दिए हैं। (प्रतिकात्मक इमेज)
कर्नाटक के एक स्कूल में 9वीं क्लास में पढ़ने वाली बच्ची ने एक बच्चे को जन्म दिया है। शाहापुर के सरकारी आवासीय स्कूल के शौचालय में छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। यह घटना को बुधवार दोपहर को हुई थी, लेकिन छात्रा के जन्म देने की बात गुरुवार को सामने आई। छात्रा और उसके बच्चे को शाहापुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत ठीक है। उनका सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। लड़की की उम्र 17 साल से ऊपर बताई जा रही है।
बाल आयोग ने FIR के दिए निर्देश
कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शशिधर कोसाम्बे ने अधिकारियों को इस केस में FIR करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने बच्ची से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने इसे आयोग के संज्ञान में नहीं लाया। कोसाम्बे ने कहा कि स्कूल प्रिंसिपल और दूसरे स्टाफ मेंबर पर FIR दर्ज की जाएगी।
अधिकारियों ने और प्रिंसिपल ने आयोग को इस घटना के बारे में नहीं बताया। हमें सोर्सेस के जरिए इस बारे में जानकारी मिली। हमने जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर को एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
लड़की उम्र 17 साल से ऊपर
स्कूल प्रिसिपल बसम्मा ने दावा किया कि उन्हें बच्ची की प्रेग्नेन्सी के बारे में कोई सिम्टम्स नहीं दिखाई दिए। जून में स्कूल खुलने के बाद बच्ची कई दिनों तक स्कूल नहीं आई थी। स्कूल प्रिसिपल बसम्मा ने कहा- 'मैंने पिछले महीने ही स्कूल का चार्ज लिया है। लड़की के जन्म प्रमाण पत्र में उसकी उम्र 17 साल और 8 महीने दर्ज है। छात्रा 5 अगस्त के बाद से ही स्कूल आना शुरु किया था। इससे पहले वह सिरदर्द और कई बीमारियों की वजह से स्कूल नहीं आ रही थी। हम हैरान हैंं कि उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। उसके माता-पिता इस केस में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। उसके परिवार से कई बार संपर्क किया गया।

