JDS से निष्कासित पूर्व सांसद प्रज्वल रेप केस में दोषी करार: फैसला सुन रोने लगा पूर्व PM देवगौड़ा का ग्रैंड सन; नौकरानी ने आरोप लगाए थे
Published:
2 min read

28 अप्रैल से 10 जून 2024 के बीच प्रज्जवल रेवन्ना के खिलाफ कुल 4 FIR दर्ज की गई थीं। (फाइल इमेज)
JDS से निष्कासित पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर दर्ज रेप के चार मामलों में से एक में दोषी करार ठहराया गया है। रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के नाती हैं। स्पेशल कोर्ट ने प्रज्वल के हासन स्थित फार्म हाउस में नौकरानी से रेप के मामले में कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। इस मामले में 18 जुलाई को ट्रायल पूरा हो गया था।
28 अप्रैल से 10 जून 2024 के बीच प्रज्जवल के खिलाफ कुल 4 FIR दर्ज की गई थीं। इसके अलावा बेंगलुरु के साइबर क्राइम थाने में भी दो मामले दर्ज किए गए थे। केस दर्ज होने के 14 महीने बाद रेवन्ना को दोषी ठहराया गया। कोर्ट का फैसला सुन रेवन्ना रोने लगे। स्पेशल कोर्ट शनिवार को इस मामले में रेवन्ना को सजा सुनाएगी।
नौकरानी से रेप के मामले में दोषी करार
ये मामला 48 साल की हाउस हेल्प यानी नौकरानी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। महिला ने रेवन्ना के खिलाफ रेप और बंधक बनाने के आरोप लगाए थे। पहली घटना 2021 में लॉकडाउन के दौरान हुई। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, रेवन्ना ने होलेनरसीपुरा, बेंगलुरु और होलेनरसीपुरा में गन्निकाडा के फार्महाउस में अलग-अलग जगह रेप किया था।
संबंध बनाने के वीडियो भी बनाए
चार्जशीट के मुताबिक, पीड़िता शुरू में चुप रही, क्योंकि रेवन्ना ने कथित तौर पर उसके साथ संबंध बनाने के वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें वायरल करने की धमकी दी। बाद में पीड़िता ने जॉब छोड़ दी।
2000 पन्नों की चार्जशीट, 23 गवाहों के बयान हुए दर्ज
इंस्पेक्टर शोभा के नेतृत्व में सीआईडी की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने इस मामले में जांच की थी। रेवन्ना के खिलाफ जांच टीम ने 2000 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। 31 दिसंबर 2024 को मामले में ट्रायल शुरू हुआ था। कोर्ट ने 7 महीनों में 23 गवाहों के बयान दर्ज किए। वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट और क्राइम सीन रिपोर्ट देखी। रेवन्ना को कोर्ट ने आईपीसी की 376(2)(k) और 376(2)(n) के तहत दोषी ठहराया गया। इसमें 10 साल से आजीवन सजा का प्रावधान है। इसके अलावा आईपीसी सेक्शन 354(A), 354(B), और 354(C), 506, 201 और आईटी एक्ट 2008 के सेक्शन 66E के तहत दोषी ठहराया गया है।

