कर्नाटक धर्मस्थल केस के आरोपी पर सख्ती: झूठी गवाही और जालसाजी समेत 10 आरोप जोड़े गए; 100 शवों को दफनाने का दावा किया था
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आरोपी CN चिन्नाया चैन्ना को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाती पुलिस।
कर्नाटक धर्मस्थल केस में SIT ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि व्हिसलब्लोअर ने जालसाजी भी की थी। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत झूठी गवाही, जालसाजी और झूठे दावे करने से जुड़े 10 आरोप जोड़े गए हैं। आरोपी ने 100 शवों को दफनाने का दावा किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पर लगे आरोप बदल नहीं सकते हैं, क्योंकि अभी रिकवर मानव अवशेष, लोगों के लापता केस और दूसरे अननैचुरल डेथ के केस की जांच हो रही है। एक पुलिस अधिकारी ने इंडिया टुडे को बताया कि नई धाराएं खोपड़ी को बेल्थांगडी कोर्ट में पेश करने के बाद जोड़ी गई हैं। वह पुरानी FIR से ही संबंधित हैं।
23 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
धर्मस्थल में कई शवों को दफनाने का दावा करने वाले CN चिन्नाया चैन्ना को SIT ने गिरफ्तार किया था। आरोपी ने मास्क पहनकर कई चौंकाने वाले दावे किए थे। शख्स का दावा था- यहां कई महिलाओं की रेप करके हत्या की गई और मैंने खुद इन शवों को दफनाया था। SIT जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता के आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। आरोपी की बताई जगह पर एसआईटी ने 13 जगहों पर खुदाई भी करवाई थी।

महिला भी अपनी बात से पलटी
इस मामले में एक महिला ने धर्मस्थल से अपनी बेटी के गायब होने का दावा किया था। वह भी अपने बयान से पलट गई। महिला ने एक स्थानीय न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि अनाया नाम की उनकी कोई बेटी नहीं थी। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देने के लिए दवाब बनाया गया था।
शिकायतकर्ता धर्मस्थल मंदिर का पूर्व सफाई कर्मचारी
गिरफ्तार शिकायतकर्ता ने बताया था, उसने 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल में बतौर सफाईकर्मी काम किया था। इस दौरान उसे महिलाओं और नाबालिगों समेत कई शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया। उसने दावा किया था कि महिलाओं के साथ रेप करके उनकी हत्या की गई थी। चिन्नाया चैन्ना ने दावा किया था उसने करीब 100 शवों को दफनाया था।
धर्मस्थल में अब तक क्या हुआ
4 जुलाई को शिकायतकर्ता ने दक्षिण कन्नड़ पुलिस एसपी को पत्र लिखा था।
11 जुलाई को साउथ कन्नड़ के बैल्थागंडी कोर्ट में बयान दर्ज कराए।
19 जुलाई को सरकार ने SIT गठित की।
13 अगस्त को 13 साइट्स पर खुदाई हुई।
23 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
क्यों खास है धर्मस्थल मंदिर
श्री क्षेत्र धर्मस्थल मंदिर का इतिहास 800 साल पुराना है। मंदिर का निर्माण बिरमन्ना पेरगडे और अम्मू बल्लाल्थी नामक दंपती ने कराया था। इनका परिवार ही मंदिर का ट्रस्टी हैं। धर्मस्थल मंदिर कर्नाटक के मेंगलुरु के पास है। नेत्रावती नदी के पास बसे इस मंदिर में भगवान शिव श्री मंजुनाथ विराजमान हैं।

इस मंदिर में पूजा हिंदू पुजारी करते हैं जबकि मंदिर का संचालन जैन धर्म के लोग करते हैं। मंदिर में हर दिन हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। सबसे खास बात मंदिर में मुफ्त भोजन, शिक्षा और इलाज की सुविधाएं दी जाती हैं।

