2-3 km तक पानी ही पानी, नाव बनी सहारा: कानपुर के गांवों में बाढ़, हाईवे पर रह रहे लोग; मुरादाबाद में भी घर एक हफ्ते से पानी में डूबे
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बिठूर विधानक्षा क्षेत्र के एक गांव में इस तरह नाव से लोग आना-जाना कर रहे हैं। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कानपुर के बिठूर इलाके के पास कई गांव पानी में डूब गए हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बची है। वहीं, मुरादाबाद में भी कई घरों में पानी घुसने के बाद परिवारों को अपना घर छोड़कर किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है।
बिठूर में 2-3 किमी तक पानी ही पानी
कानपुर के बिठूर इलाके में रहने वाले एक शख्स ने बताया कि गांव का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। गंगा का पानी वार्निंग स्तर से ऊपर पहुंचने के बाद निचले इलाकों में परेशानी बढ़ गई है।
व्यक्ति ने बताया, 2-3 किलोमीटर तक पानी ही पानी है। पूरा गांव डूब गया है। इन इलाकों में आने-जाने के लिए मैं सिर्फ नाव का इस्तेमाल कर रहा हूं।
बाढ़ के कारण गांव के कई हिस्सों का आसपास के इलाकों से संपर्क प्रभावित हुआ है। पानी लगातार बने रहने की वजह से कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ गया है।

अधिकारी पहुंचे, हाईवे पर रहने का इंतजाम
स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक दिन पहले कुछ अधिकारी इलाके में पहुंचे थे। उन्होंने लोगों से बात की और हालत बेहतर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
एक शख्स ने बताया कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होता, तब तक प्रशासन लोगों के रहने के लिए हाईवे के पास इंतजाम कर रहा है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है।
मुरादाबाद में 8 दिन से घरों में पानी
कानपुर के बाद मुरादाबाद में भी गंगा के बढ़े जलस्तर का असर दिखाई दे रहा है। यहां कई इलाकों में करीब एक हफ्ते से ज्यादा वक्त से पानी भरा हुआ है। कई घरों में पानी घुसने के बाद परिवारों को घर छोड़कर किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया- घर के चारों ओर पानी भरा हुआ है। ऐसे में घर पर ताला लगा दिया है। अब किराए के मकान में रह रहे हैं। करीब 25 से 30 घरों पर ताले लगे हुए हैं।
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