जस्टिस यशवंत वर्मा कैशकांड: सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच सुनवाई करेगी, पैनल का हिस्सा रहे CJI गवई हियरिंग से अलग
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14 मार्च को जज यशवंत वर्मा के आवास से नोटों के बंडल मिले थे। (FILE PHOTO)
जस्टिस यशवंत वर्मा कैशकांड की सुनवाई अब स्पेशल बेंच में होगी। जस्टिस यशवंत वर्मा ने इन हाउस 3 सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट को चैलेंज किया है। इस रिपोर्ट में यशवंत वर्मा को दोषी ठहराया गया था। वहीं CJI ने इस केस की सुनवाई से खुद को अलग किया है, क्योंकि वे जस्टिस वर्मा के खिलाफ जांच वाले पैनल में शामिल थे।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) गवई ने कहा कि जस्टिस वर्मा की याचिका पर सुनवाई के लिए वह एक विशेष पीठ का गठन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए इस सुनवाई में शामिल होना सही नहीं है, क्योंकि वह उस 'इन हाउस कमेटी' का हिस्सा थे (जिसमें जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया था)। यशवंत वर्मा की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने CJI से जल्द सुनवाई की मांग की थी।
जस्टिस वर्मा ने पैनल की रिपोर्ट को किया चैलेंज
जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में इन हाउस रिपोर्ट को चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि पैनल ने बिना सुने और निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिए गलत निष्कर्ष दिया है। हाईकोर्ट के जज वर्मा ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी बेसिक फैक्ट की जांच करने में विफल रही।
तत्कालीन CJI ने दी थी रिपोर्ट
पिछले महीने तत्कालीन CJI संजीव खन्ना ने कमेटी की रिपोर्ट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की मांग की थी। अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जजों को हटाने का मामला संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।
क्या है मामला
14 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवास के स्टोर रूम में आग लगी थी। जहां कथित तौर पर आग से जले हुए नोटों के बंडल मिले थे। सुप्रीम कोर्ट ने खुद जले हुए नोटों का वीडियो सार्वजनिक किया था। उस समय सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने एक 3 सदस्यीय जांच पैनल बनाया। इस रिपोर्ट में यशवंत वर्मा को दोषी ठहराया गया था। उन्हें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली से इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया था।

