झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई: स्टूडेंट प्रोटेस्ट के चलते सोरेन सरकार ने रद्द किए थे एग्जाम
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झारखंड सरकार ने राज्य में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट के चलते JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने का फैसला किया था.
नेशनल डेस्क. झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार के JPSC-JSSC पेपर रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। दरअसल, झारखंड में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच सोरेन सरकार ने इन परीक्षाओं को रद्द करने और इनमें गड़बड़ियों की जांच का आदेश दिया था। दरअसल, प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने JPSC-JSSC पेपर और रिजल्ट में धांधली और गड़बड़ी के आरोप लगाए थे और इन्हें रद्द करने की मांग की थी।
झारखंड सरकार ने JPSC-JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली की जांच कर रही CID और SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था। सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चार याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
ये परीक्षाएं की थीं रद्द
राज्य सरकार ने जिन परीक्षाओं को रद्द किया था, उनमें 11वीं-13वीं कंबाइंड सिविल सर्विस एग्जाम, JSSC-CGL के जरिए होने वाली परीक्षाएं और सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, फूड सेफ्टी ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर, असिस्टेंट इंजीनियर, वन रेंज अधिकारी और असिस्टेंट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर समेत अन्य कई परीक्षाएं शामिल थीं।
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याचिका में क्या कहा गया
इन परीक्षाओं में पास होने वाले कैंडिडेट्स ने झारखंड सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कैंडिडेट्स ने याचिका में कहा- सरकार ने उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना एकतरफा परीक्षाएं और नियुक्तियां रद्द कर दीं। इन परीक्षाओं में बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स पास होकर नौकरी कर रहे हैं और सरकार के इस फैसले से उनकी नौकरी खतरे में पड़ गई है।
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