कश्मीर में 2 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त : आतंकियों से रिश्ते रखने के आरोप में उपराज्यपाल का एक्शन, जून में भी तीन को नौकरी से हटाया था
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (फाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दो सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। नॉर्थ कश्मीर के कुपवाड़ा के खुर्शीद अहमद राथेर और सियाद अहमद खान पर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) आतंकवादी संगठन से संबंध का आरोप है। दोनों को अर्टिकल 311(2)(C) के तहत हटाया गया। इससे पहले अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद 75 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था।
खुर्शीद अहमद करनाह में टीचर था। वहीं सियाद अहमद खान, केरन के शीप हसबेंड्री विभाग में अस्सिटेंट स्टॉकमैन था। दोनों कर्मचारी पिछले साल जनवरी से जेल में बंद हैं।
अर्टिकल 311(2)(C) में क्या
लेफ्टिनेंट गर्वनर और लॉ इनफोर्समेंट एजेंसी ने संविधान के अर्टिकल 311(2)(C) के तहत दोनों कर्मचारी बर्खास्त किए गए। इस अर्टिकल 311(2)(C) के मुताबिक- देश की सुरक्षा के मद्देनजर बिना जांच किए किसी भी सरकारी कर्मचारी को हटाया जा सकता है।
दोनों के खिलाफ सबूत
लॉ इन्फोर्समेंट और इंटेलिजेंस एजेंसीज ने दोनों के खिलाफ एविडेंस जुटाए थे। अधिकारियों के मुताबिक, कश्मीर एडमिनिस्ट्रेशन आतंकी संगठनों और इनसे जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इनमे सरकारी कर्मचारी और ओवरग्राउंड वर्कर शामिल हैं।
जून में तीन लोगों को हटाया गया था
इससे पहले जून में उपराज्यपाल ने तीन सरकारी कर्मचारी को बर्खास्त किया था। इनमें पुलिस कॉन्स्टेबल, एक टीचर और एक हेल्थ डिपार्टमेंट का एक असिस्टेंट शामिल था। ये सभी जेल में हैं। एजाज अहमद पुंछ के सुरनकोट तहसील के बाफ़्लैज़ गांव में सरकारी टीचर था। मलिक इश्फाक नसीर, अनंतनाग के खाहगुंड में सेलेक्शन ग्रेड पुलिस कॉन्स्टेबल था और वसीम अहमद खान श्रीनगर के बटमालू में जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य शिक्षा विभाग में सहायक था।

