विदेश मंत्री की चीन यात्रा: राष्ट्रपति जिंनपिंग से मिले एस जयशंकर, गलवान हिंसा के बाद पहली मुलाकात
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चीन यात्रा, चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग से कि मुलीकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की उन्होंने भारत चीन संबंधों को मजबूत करने पर बात की। 2020 में भारत चीन के संबंधों में आई खटास के बाद यह पहली चीन यात्रा है।
15 जुलाई को राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर मीटिंग की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हुए विकास के बारे में बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से शुभकामनाएं भी दी।
हिंसक झड़प के बाद पहली चीन यात्रा
शंघाई सहयोग संगठन(एससीओ) की विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने एस जयशंकर चीन पहुंचे। जहां उन्होंने राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात की। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद विदेश मंत्री पहली बार चीने दौरे पर पहुंचे।
भारत और चीन प्रमुख अर्थव्यवस्था
चीनी राष्ट्रपति से मिलने से पहले जयशंकर बीजिंग में चीनी उप-राष्ट्रपति हान झेंग से मिले। विदेश मंत्री ने कहा- पड़ोसी देशों के साथ भारत और चीन प्रमुख अर्थव्यवस्था है। इसलिए दोनों देशों के बीच विचारों और दृष्टिकोण का खुला आदान प्रदान होना बहुत महत्वपूर्ण है। इस यात्रा के दौरान ऐसी चर्चाओं की आशा करता हूं।
2024 के बाद संबंधों में सुधार
अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में एक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच बैठक हुई थी। भारत और चीन के संबंधों में सुधार आना शुरू हुआ है।
कजान में महत्वपूर्ण बैठक के बाद देपसांग और डेमचोक में सेनाओं को हटाने पर सहमति बनी थी। ये दोनों लद्दाख के महत्वपूर्ण बिंदु है जहां भारतीय और चीनी सैनिकों की झड़प हुई थी। चीन यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस यात्रा में चर्चाएं सकारात्मक होंगी।

