भारत आज भी सारे जहां से अच्छा: एस्ट्रोनॉट शुभांशु बोले- कभी नहीं सोचा था कि अंतरिक्ष में जाऊंगा; लखनऊ में इनके नाम से सड़क बन रही
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एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष को लेकर भारत के फ्यूचर प्लान्स के बारे में जानकारी दी।
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) दिसंबर 2025 में अपने गगनयान मिशन को लॉन्च करने के लिए तैयार है। इस बात को खुद इसरो चीफ वी.नारायणन ने कन्फर्म किया है। इसके अलावा इसी सेक्टर से जुड़ी एक और अहम खबर है।
एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ऐतिहासिक विजिट के बाद भारत में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें अपना एक्सपीरियंस शेयर किया। साथ ही अंतरिक्ष को लेकर भारत के फ्यूचर प्लान्स पर बात की। साथ ही शुभांशु अपने घर लखनऊ भी जाएंगी जिसको लेकर शहर में तैयारीया शुरू हो गई है।
लखनऊ में शुभांशु के नाम से सड़क
लखनऊ एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अंतरिक्ष यात्रा के बाद पहली बार वह अपने घर लौट रहे हैं। उनके घर के बाहर सड़क निर्माण कार्य जोरों पर है।
अपर नगर आयुक्त अरविंद राव के अनुसार, उनके घर तक जाने वाली सड़क का नाम शुभांशु के नाम पर रखा जाएगा। यह न केवल उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए भी एक कदम है।
मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं स्पेस में जाऊंगा
शुभांशु ने एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन को लेकर कहा- मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं स्पेस में जाऊंगा, अगर मैं जा सकता हूं, तो आप सब भी जा सकते हैं। हमारे पास गगनयान, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और कई मिशन की योजना है। शुभांशु ने मशहूर गीत... सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा... याद करते हुए कहा-अंतरिक्ष से देखने पर भारत आज भी सारे जहां से अच्छा दिखता है। उन्होंने कहा कि एक्सिओम-4 मिशन से ह्यूमन स्पेस फ्लाइट को लेकर कई सबक सीखे। अब ये हमारे गगनयान मिशन में काम आएंगे।
शुक्ला ने कहा- स्पेस फ्लाइट को देखना और अंतरिक्ष की यात्रा करने से एक्सपीरिएंस और नॉलेज मिलता है। यह हमारे गगनयान मिशन के लिए वैल्युएबल है।

एक्सिओम-4 मिशन की अपनी टीम के साथ शुभांशु शुक्ला (दाएं से दूसरे)। शुक्ला ने कहा- मेरे अनुभव भारत के अगले गगनयान मिशन में काम आएंगे। (फोटो क्रेडिट- शुभांशु शुक्ला सोशल मीडिया)
जल्द ही भारत का सपना साकार होगा
शुक्ला ने कहा- जब मैं स्पेस में था. तब मैंने बच्चों से बात की। उनमें सांइटिफिक सोच है और उत्साह दिखाई दे रहा था। एक बच्चे ने पूछा- मैं अंतरिक्ष यात्री कैसे बन सकता हूं। यह एक बड़ी जीत है कि बच्चे अंतरिक्ष में जाने के बारे में सोच रहे हैं। ISRO तैयार है, जल्द ही भारत का सपना साकार होगा।
शुभांशु ने एक्सिओम-4 मिशन को पूरे देश का मिशन बताया साथ ही भारत सरकार,I SRO और इसकी स्पेशल रिसर्च टीम का शुक्रिया अदा किया। स्पेस एक्सपेरिमेंट्स के बारे में बात करते हुए ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा- हमारी टीमों के लिए बड़ी सीख यह थी कि स्पेस मिशन के लिए एक्सपेरिमेंट कैसे डिजाइन करें और इस बात को समझे।
भारत ह्यूमन स्पेस फ्लाइट के लिए तैयार
ISRO के एक और ट्रेनी एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन पी बालकृष्णन नायर ने कहा- यह कोई छोटा कदम नहीं है। अब वक्त भारत का है। भारत ह्यूमन स्पेस फ्लाइट के लिए तैयार है।
2040 तक भारत चांद पर उतरेगा
दिसंबर में भारत का पहला परीक्षण मिशन गगनयान होगा। ये नेशनल स्पेस स्टेशन की स्थापना में महत्वपूर्ण कदम है। 2040 तक भारत चांद पर उतरेगा। ये मिशन आने वाली जनरेशन को इंस्पायर करेगा। जल्द ही अंतरिक्ष यात्रा करने वाले देशों के नामों में भारत का नाम भी शामिल होगा।
शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री से की थी मुलाकात
इससे पहले शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। PM ने मिशन एक्सिओम-4 की सफलता पर शुक्ला को बधाई दी थी। इस मौके पर शुभांशु ने मोदी को अंतरिक्ष से लाया हुआ तिरंगा गिफ्ट किया था। ये वहीं तिरंगा है जो शुभांशु अपने साथ स्पेस सेंटर लेकर गए थे। इसके साथ ही उन्होंने एक्सिओम-4 मिशन का मिशन पैच भी गिफ्ट किया ।

शुक्ला से मुलाकात में PM मोदी ने कहा था- शुभांशु का एक्सपीरियंस भारतीय गगनयान मिशन के लिए वैल्युएबल है। भारत को अपने भविष्य के अंतरिक्ष मिशन के लिए 40 से 50 एस्ट्रोनॉट चाहिए।
एस्ट्रोनॉट्स ने 18 दिन में किए 60 प्रयोग
स्पेस स्टेशन पर 18 दिन रहने के दौरान शुभांशु और उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स ने कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए। 31 देशों की गतिविधियों को रिप्रेजेंट किया। इसके साथ ही यह ऐसा मिशन बन गया, जिसमें सबसे ज्यादा देशों की भागीदारी रही। कई एक्सपेरिमेंट इंडियन बायोटेक्नोलॉजी किट के इस्तेमाल को लेकर भी किए गए। साथ ही लाइफ साइंस, स्पेस फार्मिंग और मेडिकल रिसर्च से जुड़े प्रयोग भी किए गए। इस मिशन को पूरा करने के साथ ही कैप्टन शुभांशु शुक्ला प्राइवेट स्पेसफ्लाइट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन विजिट करने वाले पहले भारतीय हैं। इसरो 2040 में गगनयान मिशन में शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल करेगा।
कौन हैं कैप्टन शुभांशु शुक्ला
39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला एक ट्रेंड फाइटर पायलट हैं। वह इंडियन एयरफोर्स में लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। ISRO ने उन्हें इस मिशन के लिए प्राइमरी कैंडिडेट चुना था। मिशन से पहले वह एक महीने से ‘क्वारनटीन प्रोटोकॉल’ में थे। स्पेस मिशन से पहले उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसलिए उन्हें क्वारनटीन प्रोटोकॉल में रखा गया था। कैप्टन शुक्ला को गगनयान (Gaganyaan) मिशन के लिए भी ट्रेन किया गया है।

