80 FIR, 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां: ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क का खात्मा; अमित शाह बोले- आतंकियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस जारी रहेगी
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दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों ISI-समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। (फाइल फोटो- ANI)
नेशनल डेस्क. देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI-समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। 14 राज्यों से 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार की आतंकियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा- मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी समूह 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को खत्म कर दिया और 200 से ज़्यादा सदस्यों को गिरफ्तार कर उसके खतरनाक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
14 राज्यों में एक साथ रेड
अमित शाह ने बताया, भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगह पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है। शाह ने कहा कि ISI से फंड पाने वाले इस समूह के पास से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई, जिसमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे शामिल थे। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक FIR और 253 लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं।

शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान स्थित, ISI द्वारा समर्थित आतंकी सिंडिकेट है जो भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों, टारगेटेड किलिंग में शामिल है। SBN स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था और जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगवाता था।
12 अगस्त को चलाया गया ऑपरेशन
12 अगस्त को 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3) और तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल(2-2) लोगों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही दिल्ली और कर्नाटक में नई FIR भी दर्ज की गई हैं।
ये मामले UAPA, BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज हैं। IED, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्टल, जिंदा कारतूस और जासूसी वाले CCTV कैमरे बरामद हुए हैं। इससे नेटवर्क के सीधे सीमा-पार संबंध की पुष्टि होती है।

