खरीदने के बजाय लीज पर ड्रोन ले रहा भारत: नेवी के लिए 1,943 करोड़ की डील; जानिए क्यों खास है येे ड्रोन
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ये सैटेलाइट कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करके अपने ग्राउंड स्टेशनों से बहुत दूर तक काम कर सकते हैं। (ai इमेज)
नेशनल डेस्क. इंडियन नेवी अब अमेरिका से 30 महीनों की लीज पर 2 सी गार्डियन ड्रोन लेगी। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स के साथ 1,943 करोड़ रुपये का एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। इसके तहत इंडियन नेवी को दो MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन लीज पर मिलेंगे।
सी गार्डियन को दुनिया का सबसे बेहतरीन लॉन्ग-रेंज सर्विलांस ड्रोन माना जाता है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह ड्रोन नेवी को पूरे हिंद महासागर में लगातार इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही जानकारी मुहैया कराएगा। यह पहली बार नहीं है जब भारत ने कोई मिलिट्री इक्विपमेंट को लीज पर लिया है। नेवी नवंबर 2020 से दो जनरल एटॉमिक्स सी गार्डियन' का इस्तेमाल कर रही है।
इन्हें तब लाया गया था जब गलवान घाटी में हुई चीनी मिलिट्री के साथ झड़प हुई थी। नई लीज से हिंद महासागर पर पैनी नजर रखने की नेवी की क्षमता और बढ़ेगी, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति बनी हुई है।
लेकिन लीज पर क्यों?
एक्सपर्ट के मुताबिक, यह उन इक्विपमेंट को जल्दी हासिल करने का एक तरीका है, जिन्हें खरीदने के लिए भारत पहले ही डील कर चुका है। अक्टूबर 2024 में भारत ने 31 MQ-9B खरीदने की डील की थी। इनमें नेवी के लिए 15 Sea Guardians और आर्मी और एयरफोर्स के लिए 16 Sky Guardians शामिल हैं। लेकिन इनकी पहली डिलीवरी 2029 की शुरुआत से ही होनी है।
एक और फायदा यह है कि मेंटेनेंस और सपोर्ट की बड़ी जिम्मेदारी सप्लायर की होती है। जैसे सितंबर 2024 में जब लीज पर लिए गए दो सी गार्डियन में से एक में तकनीकी खराबी आ गई और उसे समुद्र में ही छोड़ना पड़ा, तो जनरल एटॉमिक्स ने नेवी को बिना किसी अतिरिक्त लागत के दूसरा सी गार्डियन दिया था।
चीन पर आसानी से नजर
यह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसे कोई बड़ी चीज खरीदने के लिए पैसे जमा करते समय घर किराए पर लेना। इसलिए 2020 में जब चीन ने अचानक LAC पर अपनी सेना बढ़ाई और हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए, तो भारतीय नेवी के लिए हिंद महासागर में चीनी गतिविधियों पर नजर रखने की अपनी क्षमता को मजबूत करने का सबसे तेज तरीका दो सी गार्डियन लीज पर लेना था।
किसी भी मौसम में उड़ान भर सकते हैं
निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमताओं के मामले में MQ-9B सीरीज के ड्रोन को बेजोड़ हैें। MQ-9B ड्रोन को बहुत ज्यादा ऊंचाई पर लंबे समय तक काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। ये सैटेलाइट कम्युनिकेशन का इस्तेमाल करके अपने ग्राउंड स्टेशनों से बहुत दूर तक काम कर सकते हैं। जनरल एटॉमिक्स का कहना है कि कुछ कॉन्फिगरेशन में ये ड्रोन 30 घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रह सकते हैं और कई तरह के सेंसर, रडार और खुफिया जानकारी जुटाने वाले अन्य पेलोड ले जा सकते हैं।


