रूसी सेना की भर्ती से दूर रहे भारतीय: विदेश मंत्रालय ने कहा- यह रास्ता खतरों से भरा; अब तक 127 भारतीय रशियन आर्मी में शामिल हो चुके
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जासवाल ने गुरुवार को भारतीयों को रसियन आर्मी जॉइन नहीं करने की सलाह दी। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क। भारत सरकार ने गुरुवार को एक बार फिर अपने नागरिकों को साफ चेतावनी दी है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध से किसी भी तरह न जुड़ें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा- हमने हाल ही में भारतीय नागरिकों के रूसी सेना में भर्ती होने की खबरें देखी हैं। हम सभी भारतीयों से आग्रह करते हैं कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव से दूर रहें, यह रास्ता खतरों से भरा हुआ है।
अब तक 127 भारतीय रूसी सेना में शामिल हुए
इस साल विदेश मंत्रालय ने संसद को जानकारी दी थी कि अब तक 127 भारतीय रूसी सेना में शामिल हुए। भारत और रूस के बीच बातचीत के बाद इनमें से 98 को छुड़ाया गया। हालांकि, 13 भारतीय अब भी रूसी सेना में हैं, जिनमें से 12 के लापता होने का दावा किया जा रहा है। सरकार ने कहा कि इन लापता नागरिकों की स्थिति का पता लगाने के लिए मास्को से संपर्क किया गया है।
हमारे नागरिक ऐसे प्रस्तावों में नहीं फंसे
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कई भारतीय फर्जी जॉब ऑफर्स के झांसे में आकर रूस गए। इसके बाद उन्हें सीधे बैटलफील्ड में भेज दिया गया। पहले भी कई एडवाइजरी जारी की गई थी। हालांकि, नए मामलों ने फिर चिंता बढ़ा दी है। हम नागरिकों से बार-बार कह चुके हैं कि ऐसे प्रस्तावों में न फंसें। बता दें कि पंजाब और आंध्र प्रदेश के साथ ही देश के कई राज्यों के रूसी सेना जॉइन करने की खबरें आईं थी।
भारतीयों को आर्मी में शामिल नहीं करेंगे-रूस
पिछले साल रूस के दूतावास ने कहा था कि अब भारतीय नागरिकों की भर्ती नहीं की जा रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जुलाई 2024 में मुलाकात हुई थी। इसके बाद यह आश्वासन दिया गया था अब भारतीयों को रूसी आर्मी में जॉइन नहीं कराया जा रहा। रूसी अफसरों ने कहा कि भारत सरकार के साथ मिलकर पहले से भर्ती लोगों को छुड़ाने की कोशिश की जा रही है।
यूक्रेन जंग में रूस के पास सैनिकों की कमी
यूक्रेन जंग में रूस को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रूस के पास सैनिकों की कमी होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में विदेशी नागरिकों को भर्ती करने की कोशिशें तेज हुईं। भारत अब अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने को लेकर दबाव है। यही वजह है कि और बाकी को चेतावनी देकर इस रास्ते से रोके। सरकार का कहना है कि जो भी लोग फंसे हुए हैं, उन्हें वापस लाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

