'टर्किश NGO कर रहा ‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ ग्रुप की मदद’: विदेश मंत्री बोले- इसी ग्रुप ने कथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ मैप बनाया; भारत को भी इसका पार्ट बताया था
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला के सवाल का जवाब दिया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश में इस्लामिक ग्रुप को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ढाका में इस्लामिक ग्रुप पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि ‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ ग्रुप की मदद टर्किश NGO ‘टर्किश यूथ फेडरेशन’ कर रहा है। इसी ग्रुप ने कथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का मैप बनाया था। इस मैप में भारत भी दिख रहा था।
रणदीप सुरजेवाला ने पूछा था सवाल
एस जयशंकर ने यह बयान कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के संसद में पूछे एक सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी में दिखाए गए एक मैप से जुड़ा सवाल पूछा था। कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या भारत ने कूटनीतिक तौर पर इस मुद्दे को बांग्लादेश सरकार के सामने रखा है। उन्होंने पूछा क्या भारत ने बांग्लादेश में तुर्किए और पाकिस्तान की बढ़ती सक्रियता को लेकर सुरक्षा का आंकलन किया।
सरकार हर जरुर कदम उठा रही है- एस जयशंकर
विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर मॉनिटरिंग कर रही है। हम देश की राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डालने वाले घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं। साथ ही सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश सरकार के फैक्ट चेक प्लेटफार्म 'बांग्ला फैक्ट' ने 'सल्तनत-ए-बांग्ला' ग्रुप को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया है कि ‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ बांग्लादेश से ऑपरेट हो रहा है। इसके कोई सबूत नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ढाका यूनिवर्सिटी में इस मैप को कथित इतिहास में बंगाल सल्तनत से जोड़कर ऐतिहासिक प्रदर्शनी में दिखाया गया था।
14 अप्रैल को ढाका यूनिवर्सिटी में हुई थी प्रदर्शनी
विदेश मंत्री ने कहा कि यह मैप ढाका यूनिवर्सिटी में 14 अप्रैल 2025 को पोहेला बोइशाख कार्यक्रम के मौके पर प्रदर्शित किया गया था। इस कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन के पीछे किसी भी देश और संस्थान का संबंध नही है।

