काउंसलर एक्सेस समझौता: भारत-पाकिस्तान ने साझा की एक दूसरे के कैदियों की लिस्ट,159 भारतीयों की होगी रिहाई
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2008 काउंसलर एक्सेस समझौते के तहत होंगे रिहा
भारत और पाकिस्तान ने 1 जुलाई, को एक-दूसरे की कस्टडी में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया। यह आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच 2008 में हुए द्विपक्षीय काउंसलर एक्सेस समझौते के तहत हुआ। इस समझौते के मुताबिक, हर वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को दोनों देश अपनी जेलों में बंद एक दूसरे के कैदियों की लिस्ट साझा करते हैं।
दाेनों तरफ से दी गईं सूचियां
भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 382 नागरिक कैदियों और 81 मछुआरों की सूची पाकिस्तान को सौंपी। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने 53 भारतीय नागरिक कैदियों और 193 मछुआरों की सूची भारत को दी।
159 भारतीयों की रिहाई
भारत सरकार ने पाकिस्तान से तुरंत उन 159 भारतीय नागरिकों और मछुआरों को रिहा करने को कहा है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। इसके साथ ही भारत ने उन 26 लोगों के लिए तत्काल कांसुलर एक्सेस मांगी है, जिन्हें अब तक यह सुविधा नहीं मिली है।
पाकिस्तान के 80 कैदीयाें की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं
भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह भारत की हिरासत में मौजूद 80 नागरिक कैदियों और मछुआरों की राष्ट्रीयता की पुष्टि जल्दी करे। इन लोगों की पाकिस्तान द्वारा राष्ट्रीयता की पुष्टि न होने के कारण उनकी वापसी लंबित है।
2014 से अब तक 2,732 भारतीयों की हुई वापसी
सरकार ने बताया कि 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरे और 71 नागरिक कैदी पाकिस्तान से भारत लौटे हैं। इनमें 2023 से अब तक 500 मछुआरे और 13 नागरिक कैदी शामिल हैं।
मानवीय मामलों का शीघ्र समाधान:भारत
भारत ने दोहराया है कि वह दोनों देशों के बीच मानवीय मामलों, खासकर कैदियों और मछुआरों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को प्रतिबद्ध है। सरकार ने पाकिस्तान से सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है, जब तक कि उन्हें वापस अपने देश नहीं भेजा जाता।

