अरब सागर में भारत-पाकिस्तान नेवी के शिप टकराए: फाॅरेन मिनिस्ट्री ने कहा- ये हरकत मंजूर नहीं; PAK डिप्लोमैट तलब
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भारत और पाकिस्तान के ये छोटे नेवल शिप इंटरनेशनल वॉटर्स में टकराए। (सिम्बॉलिक इमेज)
इंटरनेशनल डेस्क. अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के नेवी शिप टकरा गए। घटना सोमवार (15 सितंबर) की शाम हुई। हालांकि, मीडिया को इसकी जानकारी बुधवार 16 सितंबर को दी गई। इस बारे में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया। MEA ने इस हादसे पर नाराजगी जाहिर की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये अनप्रोफेशनल हरकत है। भारत ने PAK डिप्लोमैट को तलब किया है।
इसके पहले 2011 दोनों देशों के नेवल शिप टकराए थे। उसम समय पाकिस्तान नेवी के जहाज बाबर और इंडियन नेवी के गोदावरी शिप के बीच टक्कर हुई थी लेकिन तब भी कोई नुकसान नहीं हुआ था। फर्क इतना है कि उस वक्त यह हादसा था, लेकिन इस बार पाकिस्तान नेवी ने भारत को उकसाने की कोशिश की है।
चलिए इस घटना को विस्तार से समझते हैं...
घटना क्या थी
इंडियन नेवी का फ्रंटलाइन नेवल शिप इंटरनेशनल वाटर्स में रूटीन सर्विलांस मिशन पर था। फॉरेन मिनिस्ट्री (MEA) के मुताबिक, उसी वक्त पाकिस्तानी नेवी का जहाज तेज रफ्तार से भारतीय शिप के करीब आया और डाइरेक्शन बदलने लगा। इसी दौरान दोनों जहाज टकरा गए। अभी इंडियन जहाज का नाम, उसकी कैटेगरी और और टक्कर के सटीक लोकेशन के बारे में अभी की जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना में इंडियन नेवी का कोई सैनिक घायल भी नहीं हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसमें पाकिस्तान नेवी का यारमूक‑क्लास ऑफशोर पेट्रोल वेसल पीएनएस हुनैन (PNS Hunain (F‑273)) शामिल था।

पाकिस्तान का डिप्लोमैट तलब
MEA ने मंगलवार को नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के टॉप डिप्लोमैट (चार्ज डी अफेयर्स) साद वारैच को तलब किया। भारत ने पाकिस्तान नेवी के इंडियन मैरीटाइम बॉर्डर के बेहद करीब तक नेविगेट करने पर नाराजगी जाहिर की है। MEA ने कहा- पाकिस्तान की यह हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री के सामने मुद्दा उठाएगा भारत
भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने हाईकमीशन को निर्देश दिया है कि वह पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री के सामने इस मुद्दे को उठाए। पाकिस्तान नेवी के इस एक्शन पर विरोध जताए। MEA ने कहा है कि भारत इस मामले को नई दिल्ली और इस्लामाबाद, दोनों जगह डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए उठाएगा। पाकिस्तानी डिप्लोमैट से कहा गया है कि वे अपने देश के संबंधित अफसरों तक भारत की आपत्ति पहुंचाएं।

क्या कहता है 1991 एग्रीमेंट का आर्टिकल 10
भारत के मुताबिक, पाकिस्तानी नेवल शिप का एक्शन, अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट के आर्टिकल 10 के खिलाफ है। इस नियम के तहत इंटरनेशनल वाटर्स में ऑपरेट करते समय भारत और पाकिस्तान नेवी के शिप्स और सबमरीन को एक-दूसरे से कम-से-कम तीन नॉटिकल मील यानी करीब 5.5 किलोमीटर की दूरी रखनी होती है। इस नियम का मकसद समुद्र में किसी तरह की टक्कर या हादसे को रोकना है।

दोनों देशों के बीच गलतफहमी रोकने के लिए हुआ था समझौता
इस एग्रीमेंट में मिलिट्री एक्सरसाइज, नेवी मूवमेंट और एयरफोर्स की एक्टिविटी से जुड़े कई नियम तय किए गए हैं। इसके तहत दोनों देशों को बड़े मिलिट्री एक्सरसाइज की भी पहले जानकारी देनी होती है। एग्रीमेंट में दोनों देशों की आर्मी को एक-दूसरे के बेहद करीब ले जाने से बचने के लिए कहा गया है। इसका मकसद है कि दोनों देश एक दूसरे की नेवी की मूवमेंट काे हमले की तैयारी नहीं समझें।
पाकिस्तान चुप
भारत के विरोध पर पाकिस्तान की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई ऑफिशियल जवाब सामने नहीं आया है। भारत ने भी यह नहीं बताया है कि टक्कर के बाद दोनों नेवल शिप कितनी देर तक घटनास्थल पर रहे या पाकिस्तानी जहाज की ओर से कोई संपर्क किया गया था या नहीं। फिलहाल दोनों देशों की ओर से जहाजों को हुए नुकसान या किसी जांच के बारे में भी डिटेल शेयर नहीं की गई है।

