चीन से सुधर रहे रिश्ते, क्या टिकटॉक से भी हटेगा बैन: अश्विनी वैष्णव बोले- ऐसा कोई प्लान नहीं; गलवान हिंसा के बाद 59 चीनी एप्स पर लगा था प्रतिबंध
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सोशल मीडिया पर टिकटॉक की भारत में वापसी पर चर्चाएं तेज।(फाइल फोटो)
भारत और चीन के बीच रिश्ते धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे हैं। जल्द ही दोनों देशों के बीच फ्लाइट भी शुरू होने वाली है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या चीनी एप टिकटॉक से भी बैन हट जाएगा। इस पर भारत सरकार की ओर से अब जवाब दिया गया है। केंद्रीय IT, सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, टिकटॉक पर लगा बैन हटाने का कोई प्लान नहीं है। न ही इस मुद्दे पर सरकार में कोई चर्चा हुई है और न ही किसी की तरफ से बैन हटाने को लेकर कोई प्रस्ताव आया है।
टिकटॉक की भारत में वापसी की चर्चा ने तब तूल पकड़ा, जब पिछले महीने भारत में एयरटेल और वोडाफोन समेत कुछ ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क पर टिकटॉक की वेबसाइट कुछ समय के लिए चलने लगी थी। इसके बाद से सोशल मीडिया पर इसके वापसी के चर्चे शुरू हो गए।
गलवान हिंसा के बाद लगी थी रोक
कोरोना लॉकडाउन के समय टिकटॉक भारत में काफी चर्चित हुआ था। इसकी पैरेंट कंपनी बाइटडांस है। जून 2020 में गलवान हिंसा के बाद भारत सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी का हवाला देते हुए 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था। इनमें टिकटॉक भी शामिल था। इसके बाद एप्पल और गूगल ने भी अपने स्टोर से ऐप्स को हटा दिया। जनवरी 2021 में टिकटॉक पर परमानेंट रोक लगा दी गई। तब भारत में टिकटॉक के 200 मिलियन से ज्यादा यूजर्स थे।
बाइटडांस के कई प्रोडक्ट्स पर भी कार्रवाई हुई थी
दूसरी ओर, टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के कई प्रोडक्ट्स पर भी कार्रवाई की गई। टिकटॉक के साथ-साथ हेलो और कैपकट जैसे ऐप्स को भी ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद भारत में म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस रेसो को गूगल प्ले और ऐप्पल ऐप स्टोर पर भी रोक लगा दिया गया था।

