बिना वीजा भारत में आ सकेंगे नेपाल और भूटान के लोग: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी किए नए आदेश, तिब्बती नागरिकों और बच्चों के लिए भी नियम तय
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दूसरे देशों से भारत में आने वाले नेपाल, भूटान और तिब्बत के नागरिकों पहचान साबित करने से जुड़े डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क। नेपाल और भूटान के नागरिक अब भारत में बिना वीजा और पासपोर्ट के एंट्री ले सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे लेकर मंगलवार को नया आदेश जारी किया। केंद्र सरकार ने बच्चों और तिब्बती नागरिकों के भारत में दाखिल होने से जुड़े नियम भी तय कर दिए हैं।
मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, अगर नेपाल और भूटान के नागरिक किसी दूसरे देश से भारत आते हैं तो उन्हें पासपोर्ट और वीजा लाना होगा। सीधे नेपाल, भूटान और तिब्बत से भारत में दाखिल होने वाले लोगों को भी पहचान साबित करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
गृह मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल और भूटान के नागरिक अपने पासपोर्ट, नागरिकता प्रमाण पत्र, वोटर आईडी कार्ड या नेपाल-भूटान मिशन की ओर से जारी फोटो आईडी दिखाकर भारत में दाखिल हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर लिमिटेड वाले फोटो-आईडी भी मान्य होंगे।
बच्चों के लिए क्या नियम हैं
10 से 18 साल तक के बच्चों के लिए स्कूल प्रिंसिपल की ओर से जारी फोटो आईडी मान्य होगा। हालांकि, बच्चों केमाता-पिता के पास वैलिड ट्रैवेल डॉक्यूमेंट होना जरूरी होगा। वहीं, 10 साल से छोटे बच्चों के भारत में आने के लिए किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी।
तिब्बती नागरिकों के लिए प्रावधान
यह नियम भारत में रह रहे या प्रवेश करने वाले तिब्बती नागरिकों पर भी लागू होगा। शर्त यह है कि वे संबंधित अधिकारियों के पास रजिस्टर्ड हों और वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रखते हों। यह उन तिब्बतियों पर लागू होगा जो 1959 से लेकर 2003 तक स्पेशल एंट्री परमिट पर भारत आए थे।
पुराने प्रावधान भी शामिल
गृह मंत्रालय के मुताबिक, जो लोग 30 मई 2003 के बाद भारत आए हैं, उन्हें नया स्पेशल एंट्री परमिट दिखाना होगा। इसके साथ ही तय सीमा चौकी से एंट्री करनी होगी। यह व्यवस्था कानून लागू होने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी।

