IIT बॉम्बे स्टूडेंट सुसाइड केस: शुरुआती जांच में प्रोफेसर के खिलाफ ठोस सबूत नहीं, CCTV में परीक्षा हॉल से बाहर जाते दिखा साहिल
Published:
4 min read

IIT बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोड़े ने एग्जाम में कथित तौर पर AI से नकल करते पकड़े जाने के बाद सुसाइड कर लिया था।
नेशनल डेस्क. IIT बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकोड़े की मौत के मामले में शुरुआती जांच में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने हालांकि अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। जांच अधिकारी CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और घटना से जुड़े दूसरे सबूतों की जांच में जुटे हैं।
ये भी पढ़ें: ChatGPT से नकल करते पकड़े गए स्टूडेंट ने सुसाइड की: साथी छात्रों का विरोध-प्रदर्शन; IIT बॉम्बे की सफाई- हमने कोई एक्शन नहीं लिया था
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को अब तक ऐसा कोई चश्मदीद या ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि साहिल के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी की गई थी। यह जांच इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि स्टूडेंट के परिवार ने संस्थान में उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
CCTV में क्या दिखा?
पुलिस ने IIT बॉम्बे परिसर में लगे कई CCTV कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आई फुटेज के मुताबिक, परीक्षा के दौरान ड्यूटी कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण दूला छात्र साहिल को एग्जाम हॉल से बाहर जाने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर ने साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन के साथ देखा था। इसके बाद उसे एग्जाम हॉल से बाहर जाने को कहा गया। दूसरे CCTV कैमरों में भी छात्र को एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल स्थित अपने कमरे की ओर जाते हुए देखा गया है।
HOD के ऑफिस में भी हुई थी बातचीत
पुलिस की जांच में सामने आया है कि एग्जाम हॉल से बाहर आने के बाद साहिल को HOD ऑफिस ले जाया गया था। वहां दो अन्य प्रोफेसर भी मौजूद थे। क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर दूला के अलावा इन दोनों प्रोफेसरों से भी पूछताछ की है।
पुलिस अब एग्जाम हॉल से लेकर HOD ऑफिस और फिर हॉस्टल तक के घटनाक्रम को CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर जोड़ रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामला अभी शुरुआती चरण में है।
परिवार ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप
साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे IIT बॉम्बे में संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार की शिकायत के बाद मामले में SC/ST एक्ट 1989 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
हालांकि, शुरुआती जांच में कथित जातिसूचक टिप्पणी की पुष्टि करने वाला कोई चश्मदीद या अन्य ठोस सबूत सामने नहीं आया है। इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस ने आरोपों को खारिज कर दिया है। क्राइम ब्रांच सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
दोस्त ने कहा- परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया था
साहिल के करीबी दोस्त ने NDTV से बातचीत में दावा किया कि उसे मीडिया के कुछ हिस्सों में सामने आए जातिगत भेदभाव के आरोप सही नहीं लगते। दोस्त के मुताबिक, परीक्षा के दिन साहिल को कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़ा गया था।
दोस्त ने बताया कि प्रोफेसर उसे एग्जाम सेंटर से बाहर लेकर गए थे। संस्थान की ओर से यह भी कहा गया था कि उसके खिलाफ DAC यानी डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी की कार्रवाई नहीं की गई थी। हालांकि, एग्जाम हॉल से बाहर आने के बाद साहिल और प्रोफेसरों के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी दोस्त को नहीं थी।
प्रोफेसर के समर्थन में फैकल्टी फोरम
मामले के बीच IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूला के प्रति समर्थन जताया है। दूला को डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर के पद से हटा दिया गया है, लेकिन उन्हें सस्पेंड नहीं किया गया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने खुद पद से हटने का फैसला किया है।

