15 अगस्त को देश के कई शहरों में मीट बैन: ओवैसी बोले- मांस खाने और स्वत्रंतता दिवस मनाने में क्या संबंध; आदित्य ठाकरे ने कहा-नॉन वेज खाकर रहेंगे
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तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ शहरों में मीट बैन किया गया है। फाइल फोटो।
देश के कई शहरों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनंस ने मीट शॉप्स और स्लॉटरहाउस बंद रखने के ऑर्डर दिए हैं। इस फैसले को लेकर विवाद हो गया है। असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता दिवस मनाने और मीट खाने में क्या संबंध है।
वहीं, मुंबई में शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे ने भी फैसले का विरोध करते हुए कहा कि खाने-पीने पर क्यों पाबंदी लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां तो नवरात्रि में भी झींगा-मछली प्रसाद के तौर पर ली जाती है, फिर 15 अगस्त को मीट बैन करने का क्या औचित्य है।
म्युनिसिपल बॉडीज का मीट बैन
ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, महाराष्ट्र के कई बड़े शहर जैसे कल्याण-डोंबिवली, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और मालेगांव की म्युनिसिपल बॉडीज ने 15 अगस्त और कुछ जगहों पर 16 अगस्त (जन्माष्टमी) को मीट शॉप्स और स्लॉटरहाउस बंद करने का आदेश जारी किया है। इस पर यहां के नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है।
मांस खाने और स्वत्रंतता दिवस मनाने में क्या संबंध
हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- देश के कई नगर निगम ने आदेश दिया है कि 15 अगस्त को स्लॉटरहाउस और मीट की दुकानें बंद रहेंगी। दुर्भाग्य से GHMC (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया है। यह संवेदनहीन और असंवैधानिक है।
स्वतंत्रता दिवस मनाने और मांस खाने का आपस में क्या संबंध है। तेलंगाना के 99% लोग मीट खाते हैं। इस तरह मीट बैन करना लोगों की स्वतंत्रता, लिबर्टी, रोजगार, संस्कृति, खानपान और धर्म के अधिकारों का उल्लंघन है।

हम तो नॉनवेज खाकर रहेंगे
वहीं आदित्य ठाकरे ने कहा- हमारे घर में तो नवरात्रि पर भी प्रसाद में झींगे और मछली होती है, क्योंकि यही हमारी परंपरा है। यही हमारा हिंदू धर्म है। यह ना तो रिलीजन का मुद्दा है और ना ही नेशनल इंटरेस्ट का। कायदे से कल्याण-डोंबिवली के कमिश्नर को संस्पेंड किया जाना चाहिए। आप हमें नहीं बता सकते कि वेज खाना कि नॉन वेज। हम तो किसी भी कीमत पर नॉन वेज खाएंगे। अपने घरों में खाएंगे।

