PM ने खुद दिया था जेल जाने पर कुर्सी छोड़ने का सुझाव: शाह बोले- वाइस प्रेसिडेंट साउथ इंडिया से ही होना चाहिए, धनखड़ ने सेहत के चलते ही इस्तीफा दिया
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होम मिनिस्टर अमित शाह ने 20 अगस्त को लोकसभा में तीन बिल पेश किए। उन्होंने इस बिल और उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ बातें शेयर की हैं। फाइल।
केंद्र सरकार के कुछ फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा, PM और CM समेत मंत्रियों के जेल जाने पर कुर्सी छोड़ने वाला बिल और सीपी राधाकृष्णन को वाइस प्रेसिडेंट कैंडिडेट बनाना शामिल है।
होम मिनिस्टर ने इन सवालों के जवाब दिए हैं। शाह के मुताबिक, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सेहत से जुड़ी परेशानियों के चलते इस्तीफा दिया। शाह ने ये भी बताया है कि 20 अगस्त को लोकसभा में जो तीन बिल पेश किए गए थे, उनमें PM को शामिल करने का सुझाव खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था।
बता दें कि इन बिल में कहा गया कि अगर PM , CM, केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मंत्री किसी गंभीर अपराध में दोषी पाए गए और लगातार 30 दिन से ज्यादा जेल में रहे तो, 31वें दिन उनकी कुर्सी चली जाएगी।
शाह ने न्यूज एजेंसी ANI को इंटरव्यू दिया है। इसमें अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा है। आइए होम मिनिस्टर ने किस मुद्दे पर क्या कहा, ये जान लेते हैं....
तीन नए बिल पर
अमित शाह ने कहा- इस बिल के अंतर्गत PM को भी शामिल करने का सुझाव खुद प्रधानमंत्री मोदी ने दिया था। उनका साफ कहना है कि अगर देश का प्रधानमंत्री भी जेल जाता है, तो उसे पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं। संसद में चुनी गई सरकार किसी भी बिल या संविधान संशोधन को लेकर आ सकती है। इस पर इतना बवाल क्यों। अभी तो बिल जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी यानी JPC में जाएगी। इस पर सबकी राय ली जाएगी।
चूंकि ये एक संविधान संशोधन बिल है तो इसे पास कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। हमारे पास ये आंकड़ा होगा कि नहीं, ये बाद का विषय है। मैं पूरे देश और विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि क्या किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या नेता का जेल से सरकार चलाना सही है? क्या हमारे लोकतंत्र के लिए ये चीज शोभा देती है।
शाह ने आगे कहा- आज भी कुछ लोग सोचते हैं कि अगर वे जेल चले भी गए तो वहां से सरकार चला लेंगे। जेल को PM या CM हाउस बना देंगे। इसलिए मैं और मेरी पार्टी इस कॉन्सेप्ट को खारिज करती है। सरकार वही चलाएगा, जो बाहर होगा। एक व्यक्ति के जाने से कुछ नहीं होता। वो जाएगा तो उसकी जगह कोई दूसरा व्यक्ति सरकार चलाएगा। जेल से आने के बाद वो दोबारा शपथ ले लेगा, समस्या क्या है।
धनखड़ की सेहत ठीक नहीं थी
धनखड़ साहब का इस्तीफा खुद सब बयां करता है। उन्होंने खुद सेहत का हवाला दिया है। प्रधानमंत्री और मंत्रियों का शुक्रिया भी अदा किया है। एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा- धनखड़ जी को लेकर कयास लगाया जाना सही नहीं हैं। वो बहुत बड़े और सम्मानित ओहदे पर थे। लोगों को इस बारे में बयानबाजी से बाज आना चाहिए।
दरअसल, पूर्व उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर विपक्ष और खासकर कांग्रेस सवाल उठा रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस मामले पर सरकार की चुप्पी पर भी सवालिया निशान लगाए हैं। राहुल गांधी भी पूछ रहे हैं कि धनखड़ इस वक्त कहां हैं?
राधाकृष्णन ही पसंद क्यों
सरकार ने महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन को वाइस प्रेसिडेंट कैंडिडेट बनाया है। इस बारे में पूछे गए सवाल पर शाह ने कहा- ये बहुत सामान्य बात है। प्रेसिडेंट पूर्वी राज्य से आती हैं। प्रधानमंत्री पश्चिमी और उत्तरी राज्य से आते हैं। इसलिए हमने उपराष्ट्रपति दक्षिण भारत से लाने का फैसला किया। इसका तमिलनाडु में अगले होने वाले चुनाव से कोई लेनादेना नहीं है। हमने पहले भी वहां सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ा और सीटें जीती हैं।
राधाकृष्णन जी के पास राजनीतिक अनुभव है। वो बार लोकसभा सदस्य रहे। तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहे। कई राज्यों के राज्यपाल रहे। वो साफ छवि वाले ईमानदार इनसान हैं। RSS का सदस्य होना कोई गलत बात तो नहीं है। मोदी खुद भी RSS के सदस्य रहे हैं। मेरे मामले में भी यही है। आडवाणी और अटल जी भी इसके मेंबर रहे।

