मानसून लाया हिमाचल में तबाही: 26 दिन में 109 मौतें; 226 रोड ब्लॉक; बारिश-लैंडस्लाइड से राज्य को 1000 करोड़ का नुकसान
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हिमाचल में बारिश और बाढ़ से 1000 करोड़ रुपये का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और लैंडस्लाइड में 20 जून से 16 जुलाई तक 109 मौते हुई हैं। इनमें से 64 लोगों की मौत बारिश से जुड़ी हुई घटनाओं में हुई, जबकि 45 ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई। मानसून से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी और कांगड़ा है, जहां 16 मौतें दर्ज की गई है। हमीरपुर में 8, कुल्लू में 4 और चंबा में 3 लोग की मौत हुई। इन मौतों के आकड़ों की राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विभाग ने पुष्टि की है।
226 सड़कें ब्लॉक, 137 जगह पानी सप्लाई बाधित
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने 17 जुलाई 2025 की रिपोर्ट में बताया कि NH-707 समेत 226 सड़कें भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते ब्लॉक हुई हैं। इसके अलावा मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और सिरमौर में 52 जगहों पर बिजली और 137 जगहों पर पानी सप्लाई बाधित हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बारिश से जुड़ी घटनाओं में लैंडस्लाइड, बाढ़, बादल फटने, करंट लगने, सांप के कांटने और फिसल कर गिरने से हुई मौतें शामिल हैं।
883 रुपये करोड़ से अधिक का नुकसान
SDMA ने पुष्टि की है कि 883 करोड़ रुपये से ज्यादा की सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही 1,228 मवेशी और पोल्ट्री फार्म्स में 21500 पक्षियों को नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के माध्यम से लगातार निगरानी कर रही है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा समेत राहत बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
'मानसून शुरु होते ही 1000 करोड़ रुपये का नुकसान'
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि मानसून अभी शुरु ही हुआ है, लेकिन राज्य में करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता देने की अपील की है।

