हिमाचल प्रदेश-बाढ़ में डूबा सहकारी बैंक: करोड़ों रुपए नष्ट; ज्वेलरी को भी नुकसान; कई लोगों की जीवनभर की कमाई थी
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बाढ़ की वजह से बैंक तहस नहस, करोड़ों का नुकसान
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की थुनांग तहसील में बाढ़ से सहकारी बैंक में करोड़ों रुपए और ज्वेलरी का नुकसान हो गया। बैंक में काफी ज्यादा पानी जमा हो गया। लोगों की जीवन भर की कमाई खतरे में पड़ गई। थुनाग की बैंक में हजारों लोगों की जीवन भर की बचत और कमाई थी। कई जरूरी दस्तावेजों के साथ ज्वेलरी और पैसे थे।
बैंक का पहला फ्लोर पूरी तरह मलबे और पानी से भर चुका है। बाढ़ बहाव की वजह से पत्थर, कीचड़ और मलबा पहले फ्लोर के शटर को तोड़ कर अंदर आ गया था। बाढ़ की वजह से लोगों के कितने पैसे और आभूषण का नुकसान हुआ, अभी ये साफ नहीं हुआ है। अनुमान है कि करोड़ों रुपए और लाखों की ज्वैलरी नष्ट हो गई है। एक बार मलबा हटाने के बाद सही अनुमान लगाया जा सकता है।
आपदा से अभी तक 78 मौतें
थुनाग के बीच बाजार में सहकारी बैंक स्थित थी। जिसमें थुनाग और उसके आस पास के लोग राज लाखों रुपए का लेन-देन करते थे। व्यापारी, किसान और मजदूर सभी इसी बैंक का इस्तेमाल करते थे।
बता दें, हिमाचल प्रदेश में 20 जून से 6 जुलाई के बीच 23 बार बाढ़ आई। 19 बार बादल फटे और 16 बार लैंडस्लाइड हुई जिसकी वजह से 78 मौतें हई हैं। 37 लोगों के लापता होने की खबर है और 115 घायल है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 8 और 9 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया है। तीन जिलों सिरमौर, कांगड़ा और मंडी में रेड अलर्ट जारी है। जबकि 7 जिलों शिमला, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कुल्लू और चंबा में ऑरेंज अलर्ट जारी है।

