गैंगस्टर से नेता बना गुरप्रीत सेखों AAP में शामिल: नाभा जेलब्रेक का मास्टरमाइंड; कांग्रेस बोली- ये खतरनाक ट्रेंड
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गुरप्रीत सिंह सेखों नवंबर 2016 में जेल तोड़कर भागा था।
नेशनल डेस्क. गैंगस्टर से नेता बने और नाभा जेलब्रेक के मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह सेखों पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब 5 महीने पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। फिरोजपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में CM भगवंत मान ने सेखों को AAP की सदस्यता दिलाई। पंजाब में गैंगस्टर्स का राजनीति में आने का पुराना इतिहास रहा है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चर्चा है कि AAP सेखों को जीरा विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है। सेखों ने 10 दिन पहले ही यहां अपना कार्यालय भी खोला है। जल्द ही सेखों चुनाव प्रचार भी शुरू कर सकते हैं। सेखों फिरोजपुर जिले के मुदकी गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार कांग्रेस से जुड़ा रहा। सेखों के राजनीतिक प्रभाव बढ़ने के बाद से कई राजनीतिक दलों ने उनसे संपर्क किया था। हालांकि, वे AAP में शामिल हो गए।
सेखों की पत्नियां जिला परिषद चुनाव जीत चुकीं
सेखों की दो पत्नियां मंदीप कौर और कुलजीत कौर हैं। दोनों शिरोमणि अकाली दल के समर्थन से बाजिदपुर और फिरोजशाह से जिला परिषद चुनाव जीत चुकी हैं। AAP में सेखों की एंट्री ने मौजूदा विधायक नरेश कटारिया के खेमे में नाराजगी बढ़ा दी है। कटारिया का सीट पर काफी प्रभाव माना जाता है। अगर AAP जीरा से सेखों को उम्मीदवार बनाती है, तो यहां के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

2016 में पहली बार चर्चा में आए थे सेखों
सेखों पहली बार नवंबर 2016 में सुर्खियों में आए, तब वे नाभा जेल से भाग निकले थे। तीन महीने बाद 2017 में उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उन्हें जेल से भागने के मामले में मुख्य आरोपी बनाया था। लेकिन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की दखल के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस ने AAP सरकार को घेरा
इस मामले में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि AAP अपराधी और गैंगस्टर को शामिल करके और जीरा से उम्मीदवार बनाने की योजना बनाकर एक खतरनाक मिसाल कायम कर रही है।
वडिंग ने पूछा- आप इससे क्या संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने CM से कहा कि गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा न दें। आपका ये कदम एक खतरनाक ट्रेंड सेट करेगा। पहले गैंगस्टर अपराध करेंगे, लोगों से पैसे वसूलेंगे और फिर राजनीति में आएंगे और अपने अपराध और इतिहास को साफ करेंगे।
सेखों ने जब जेल तोड़ा था, तब भगवंत मान और केजरीवाल ने क्या कहा था
सेखों ने बादल सरकार के वक्त जेल तोड़ा था। तब अरविंद केजरीवाल ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया था। वहीं, भगवंत मान ने कहा था कि सुखबीर बादल ने जेल से भागने की घटना होने दी ताकि अपराधी केजरीवाल और उन्हें मार सकें।

