गुजरात में अपने आप हिलने लगा कुएं का पानी: देखने के लिए उमड़ी भीड़; कोई भूकंप तो कोई अलौकिक शक्ति बता रहा, एक्सपर्ट ने बताई असली वजह
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मोरबी के एक खेत में हाल ही में ये कुआं बना था। कुआं बारिश के चलते पूरा भर गया और अब इसका पानी हिलने लगा है। (फोटो- ANI)
नेशनल डेस्क. गुजरात के मोरबी जिले का एक कुआं चर्चा का विषय बन गया। लोग दूर-दूर से इसे देखने के लिए आ रहे हैं। दरअसल, कुएं का पानी अपने आप हिलने लगा। बिना किसी वजह के कुएं के पानी के हिलने और लहराने की वजह से लोग हैरान है।
दरअसल, मोरबी के वीरपरडा गांव में किसान के खेत में बने कुएं का पानी अचानक हिलने लगा। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच गए। शुरुआत में स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे भूकंप से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ ने इसके पीछे अलौकिक शक्ति की आशंका जता दी।
खेत में नया बना है कुआं
दरअसल, यह कुआं खेत में हाल ही में बनाया गया था। बारिश के बाद कुआं पूरा भर गया। इसके बाद रविवार और सोमवार को इसमें हलचल होना शुरू हो गई। मंगलवार को पानी सामान्य रहा, लेकिन बुधवार को फिर हलचल देखी गई।
प्रशासन और एक्सपर्ट्स ने क्या कहा
जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन और भू-विज्ञान एक्सपर्ट्स की टीम भी मौके पर पहुंची। मोरबी के जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और डर पैदा करने वाली बातें नहीं फैलाने की अपील की है। कलेक्टर के मुताबिक, जिला भू-विज्ञान विभाग की टीम ने कुएं का निरीक्षण किया है। शुरुआती जांच में पानी के नीचे हवा फंसने यानी 'एयर ट्रैप' को पानी में हो रही हलचल की वजह माना गया है।
एक्सपर्ट बोले- भारी बारिश और ग्राउंडवॉटर रिचार्ज वजह
जियोलॉजिस्ट जगदीश वढेर ने ANI से बातचीत में ग्राउंडवॉटर रिचार्ज को पानी के हिलने की वजह बताई। उन्होंने कहा- इलाके में हुई भारी बारिश के दौरान जमीन के अंदर पानी का स्तर बढ़ने से ऐसी स्थिति देखने को मिल सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि कुआं सड़क के किनारे स्थित है और वहां हवा का भी असर है, जिससे पानी की सतह पर उतार-चढ़ाव हो सकता है।
भूकंप की आशंका खारिज
भू-विज्ञान विभाग की टीम ने कुएं में पानी की हलचल के पीछे भूकंप होने की आशंका को खारिज किया है। जगदीश वढेर के मुताबिक इस मामले को लेकर इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) से भी सलाह ली गई। इलाके में न तो किसी भूकंपीय गतिविधि का पता चला है और न ही यहां कोई सक्रिय फॉल्ट होने की जानकारी मिली है।

