अल कायदा टेरर मॉड्यूल की मास्टरमाइंड गिरफ्तार: बेंगलुरु की शमा परवीन से पूछताछ शुरू; पाकिस्तानी कॉन्टेक्ट लिस्ट और चैट लिस्ट भी मिली
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गुजरात ATS ने गिरफ्तारी के बाद शमा परवीन की यह तस्वीर जारी की है।
गुजरात ATS (एंटी टेरेरिज्म स्कॉवड) ने अल-कायदा से जुड़ी 30 साल की महिला को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया। ATS के मुताबिक, इसका नाम शमा परवीन है और वो भारत में अल-कायदा के टेरर मॉड्यूल की मास्टरमाइंड है। इससे पहले गुजरात ATS ने अल-कायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद परवीन की गिरफ्तारी हुई।
सोशल मीडिया पर निगरानी
कुछ सोशल मीडिया अकाउंट से लगातार भारत विरोधी और भड़काऊ पोस्ट किए जा रहे थे। 10 जून को गुजरात ATS को इन अकाउंट्स के बारे में तफ्सीली इंटेलिजेंस मिली। इसके बाद इन्हें ट्रैक किया गया। बाद में जांच के दौरान इन अकाउंट्स के ऑपरेटिव्स की पहचान की गई।
इन सोशल मीडिया अकाउंट्स से अल-कायदा से जुड़े कंटेंट और वीडियो शेयर किए जा रहे थे। इनका मकसद मुस्लिम युवाओं को भड़काना और हिंसा फैलाना था। गुजरात ATS ने एसपी के सिद्दार्थ की अगुआई में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम बनाई। इसने इन सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी जुटाई। ATS ने अहमदाबाद से फरदीन शेख, मोडासा से सैफुल्लाह कुरैशी, दिल्ली से मोहम्मद कैफ और नोएडा से जीशान अली को गिरफ्तार किया।
शमा परवीन ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल चला रही थी
गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने मीडिया से कहा- शमा परवीन कट्टर आतंकी है। ये ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल चला रही थी। इससे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण पाकिस्तान कॉन्टैक्ट रिकवर हो चुके हैं। गुजरात ATS ने अब तक अल-कायदा से जुड़े 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में क्या खुलासा हुआ?
जांच के दौरान फरदीन के पास से जिहाद से जुड़ी किताबें, एक तलवार और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। फोन में मिले वीडियो में फरदीन तलवार लहराते हुए कह रहा है, बस यही कमी थी, अब सब पूरा हो गया… । इसके बाद वो मजहबी नारा लगाता है।
PAK के संपर्क में थे ये लोग
गिरफ्तार किए गए लोगों के मोबाइल फोन से भड़काऊ वीडियो कंटेंट, धार्मिक हिंसा और आतंकी हमलों को बढ़ावा देने वाले मैसेज और शरिया लॉ को समर्थन करने वाली पोस्ट मिली हैं। एक आरोपी सीधे तौर पर पाकिस्तान के एक शख्स के कॉन्टेक्ट में था।
62 सोशल मीडिया अकाउंट्स जांच के दायरे में
गिरफ्तार किए गए लोगों पर UAPA और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के कई सेक्शन में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से गुजरात ATS पूछताछ कर रही है। इसके अलावा 62 सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच भी जारी है।
22 जुलाई को गुजरात ATS ने अल-कायदा के 4 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा था। ये ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान आर्मी और उनकी खुफिया एजेंसी (ISI) के लगातार संपर्क में थे। आरोपियों ने ऑपरेशन सिंदूर के समय सोशल मीडिया पर देश विरोधी नैरेटिव चलाया। उन्होंने कई युवाओं को टारगेट करके उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ भड़काया।

