अंतरिक्ष से लौटने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे शुभांशु: एयरपोर्ट पर तिरंगे और नारे से हुआ स्वागत, डिप्टी CM बोले- हमें हमारे बेटे पर गर्व
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डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का लखनऊ एयरपोर्ट पर स्वागत किया।
अंतरिक्ष से लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला सोमवार को पहली बार अपने घर लखनऊ पहुंचे। लखनऊ एयरपोर्ट पर शुभांशु के परिवार, स्कूल के स्टूडेंट्स और डिप्टी सीएम ने उनका स्वागत किया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुभांशु को बुके भेंट किया। लोगों ने तिरंगा लहराए और भारत माता की जय के नारे लगाए।
शुभांशु शुक्ला अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के तहत 18 दिन अंतरिक्ष में रहे। वे 19 जून 2025 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से रवाना हुए थे। 3 जुलाई 2025 को धरती पर लौटे थे। 15 दिनों तक NASA के मेडिकल एक्सपर्ट्स की निगरानी में रहे थे। भारत लौटने पर PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
उप-मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
मीडिया से बात करते हुए डिप्टी CM ने कहा- PM मोदी की अगुआई में अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हमें हमारे बेटे पर गर्व है। स्वागत करने में बड़ी खुशी हो रही है। शुभांशु शुक्ला ने पूरी दुनिया को नई राह दिखाई है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार जगह-जगह शुभांशु के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए हैं। शुभांशु युवाओं के लिए प्रेरणा है। शुभांशु के परिवार ने कहा कि हमें शुभांशु पर गर्व है। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन किया है।
शुभांशु के स्कूल के छात्रों ने भी मनाया जश्न
शुभांशु के स्कूल के स्टूडेंट भी जश्न में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने देश भक्ति के नारों के साथ तिरंगा लहराया। शुभांशु की तारीफ करते हुए स्टूडेंट्स ने कहा- हमें शुभांशु शुक्ला की तरह बनना है। उन पर पूरे देश को नाज है।
एक छात्र ने कहा कि मैं बेहद खुश हूं कि हमारे स्कूल का कोई पूर्व छात्र पर देश-दुनिया को गर्व है। इससे हमें प्रेरणा मिलती है। मुझे भी उन्हीं की तरह देश का नाम रोशन करना है।
शुभांशु के नाम पर होगा सड़क का नाम
शुभांशु शुक्ला के लखनऊ पहुंचने से पहले उनके त्रिवेणी नगर स्थित घर को सजाया गया है। उनके घर तक पहुंचने के लिए सिमेंटेड सड़क बनाई गई है। शुभांशु के माेहल्ले त्रिवेणी नगर की एक सड़क को शुभांशु शुक्ला मार्ग नाम दिया गया है। शुभांशु एयरपोर्ट से निकलने के बाद अपने स्कूल पहुंचे। इसके बाद अपने घर जाएंगे। शुभांशु के लिए ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया था, ताकि उन्हें घर तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं हो।
शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री से की थी मुलाकात
इससे पहले शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। PM ने मिशन एक्सिओम-4 की सफलता पर शुक्ला को बधाई दी थी। इस मौके पर शुभांशु ने मोदी को अंतरिक्ष से लाया हुआ तिरंगा गिफ्ट किया था। ये वहीं तिरंगा है जो शुभांशु अपने साथ स्पेस सेंटर लेकर गए थे। उन्होंने PM मोदी को एक्सिओम-4 मिशन का मिशन पैच भी गिफ्ट किया ।
एस्ट्रोनॉट्स ने 18 दिन में किए 60 प्रयोग
स्पेस स्टेशन पर 18 दिन रहने के दौरान शुभांशु और उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स ने कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए। 31 देशों की गतिविधियों को रिप्रेजेंट किया। यह ऐसा मिशन बन गया, जिसमें सबसे ज्यादा देशों की भागीदारी रही। कई एक्सपेरिमेंट इंडियन बायोटेक्नोलॉजी किट के इस्तेमाल को लेकर भी किए गए।
शुभांशु ने स्पेस में लाइफ साइंस, स्पेस फार्मिंग और मेडिकल रिसर्च से जुड़े प्रयोग भी किए गए। इस मिशन को पूरा करने के साथ ही कैप्टन शुभांशु शुक्ला प्राइवेट स्पेसफ्लाइट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन विजिट करने वाले पहले भारतीय हैं। इंडियन स्पेस एजेंसी 2040 में गगनयान मिशन में शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल करेगा।
कौन हैं कैप्टन शुभांशु शुक्ला
39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला एक ट्रेंड फाइटर पायलट हैं। वह इंडियन एयरफोर्स लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। ISRO ने उन्हें इस मिशन के लिए प्राइमरी कैंडिडेट चुना था। मिशन से पहले वह एक महीने से ‘क्वारनटीन प्रोटोकॉल’ में थे। स्पेस मिशन से पहले उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसलिए उन्हें क्वारनटीन प्रोटोकॉल में रखा गया था। कैप्टन शुक्ला को गगनयान (Gaganyaan) मिशन के लिए भी ट्रेन किया गया है।

