सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार होंगे: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, खड़गे ने दी जानकारी; 9 सितंबर को सीपी राधाकृष्णन से मुकाबला
Published:
3 min read

उपराष्ट्रपति पद के NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी
विपक्ष ने उपराष्ट्रपति के लिए सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज हैं। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है।
बी सुदर्शन रेड्डी का जन्म हैदराबाद के किसान परिवार में हुआ। 2005 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। इसके बाद 2017 में सुप्रीम कोर्ट चले गए।
'सुदर्शन रेड्डी ने जज रहते संविधान-मौलिक अधिकारों की रक्षा की'
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, विपक्षी दल ने संयुक्त रूप से बी सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। खड़गे ने कहा, बी सुदर्शन रेड्डी भारत के प्रतिष्ठित और प्रगतिशील जजों में से एक हैं। उनका एक लंबा और कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस, गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में कार्य शामिल है। वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। वे एक गरीब व्यक्ति हैं और यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान- मौलिक अधिकारों की रक्षा की।
21 अगस्त नामांकन की आखिरी तारीख
जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान किया था। उम्मीदवारों के नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त हैं। वहीं, मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन शाम को नतीजे आ जाएंगे।
उपराष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम-
-
7 अगस्त, 2025 को चुनाव आयोग नोटिफिकेशन जारी करेगा।
-
21 अगस्त नामांकन की आखिरी तारीख होगी।
-
22 अगस्त को नामंकन की जांच होगी।
-
25 अगस्त तक कैंडिडेट नामंकन वापस ले सकेंगे।
-
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग
-
9 सितंबर को ही रिजल्ट और देश को नया उपराष्ट्रपति मिलेगा।
NDA ने राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार
इससे पहले रविवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया था। राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। उनका जन्म तमिलनाडु में हुआ था। वे छात्र जीवन से ही आरएसएस से जुड़े हैं। राधाकृष्णन दो बार लोकसभा सांसद चुने गए। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का अध्यक्ष भी बनाया गया था। महाराष्ट्र का राज्यपाल बनने से पहले राधाकृष्णन झारखंड के भी राज्यपाल रहे।
कैसे होता है उपराष्ट्रपति चुनाव
संविधान के आर्टिकल 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा-राज्यसभा के सदस्य और दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य वोट डालते हैं। वोटर्स को प्राथमिकता के आधार पर उम्मीदवार को वरीयता देनी होती है। सबसे ज्यादा वरीयता वाले उम्मीदवार को उपराष्ट्रपति चुन लिया जाता है।
सीटों के गणित में NDA आगे
लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में मिलाकर टोटल सीटें 788 हैं। इसमें 6 सीटें खाली हैं। इस तरह टोटल 782 सांसद इस वक्त दोनों सदनों में मिलाकर हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए 391 सांसदों यानी 50% के समर्थन की जरूरत होगी। बीजेपी की अगुवाई वाली NDA के पास 422 सांसद हैं, जो कि बहुमत से ज्यादा ही हैं। इसलिए राधाकृष्णन का जीतना लगभग तय है।
अगर वे चुने जाते हैं तो सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बाद इसी सरनेम के दूसरे उपराष्ट्रपति होंगे। इंटरस्टिंग फैक्ट ये भी है कि सीपी राधाकृष्णन का नाम उनकी मां ने डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन से इंस्पायर होकर ही रखा था।

