पूर्व MLA 8 दिन तक डिजिटल अरेस्ट: फर्जी CBI अधिकारी बनकर गुंडप्पा वकील से 31 लाख की ठगी; मामला दर्ज
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फर्जी CBI अधिकारी और ED अधिकारी बनकर पूर्व औरद विधायक गुंडप्पा वकील के साथ ठगी हुई। उन्हें फर्जी जज की कोर्ट में भी पेश किया गया था।
कर्नाटक में पूर्व औरद विधायक गुंडप्पा वकील के साथ 31 लाख की ठगी हुई है। फर्जी CBI अधिकारी बनकर उन्हें 8 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया। 12 अगस्त की शाम आरोपियों ने CBI अधिकारी बनकर उन्हें कॉल किया था। उन्होंने वकील पर बिजनेसमेन नरेश गोयल के साथ मनी लॉड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया।
आरोपी ने पूर्व विधायक वकील को बताया कि जब्त की गई चीजों में उनका बैंक अकाउंट और उनके नाम के ATM कार्ड शामिल है, जिनसे धन का दुरुपयोग किया गया है। फर्जी CBI अधिकारी ने उनकी पूरी निजी डिटेल्स और प्रॉपर्टी की जानकारी जुटाई।
फर्जी जज की कोर्ट में पेश किया
आरोपी ने इसके बाद नाम नीरज कुमार नाम के दूसरे व्यक्ति से पूर्व विधायक की बात कराई। उसने खुद को डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया। कार्रवाई का डर दिखाकर आरोपी ने उन्हें कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उन्होंने वकील के कॉल कट नहीं करने की भी धमकी दी। दूसरे दिन एक बजे आरोपियों ने पीड़ित को वीडियो कॉल पर एक फर्जी जज के सामने पेशी कराई। फर्जी जज ने पीड़ित को एक वचन पत्र लिखने का आदेश दिया। जिसमें लिखवाया कि वह दोषी नहीं है और पीड़ित को RTGS के जरिए एक बैंक अकाउंट में 10.99 लाख रुपये ट्रांसफर के लिए कहा।
वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए
पैसे ट्रांसफर के बाद आरोपी पूर्व MLA वकील से हर दिन बात करते रहे। उन्होंने पीड़ित की हर जानकारी उनसे ले ली। कुछ दिन बाद आरोपियों ने पीड़ित को फिर से फर्जी कोर्ट में पेश किया। फर्जी जज ने पीड़ित से 20 लाख रुपये ED और CBI अधिकारियों को ट्रांसफर करने का आदेश दिया। आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि वेरिफिकेशन के बाद उसके पैसे रिटर्न हो जाएंगें।
जब पीड़ित को पैसे रिफंड नहीं मिले तो, उन्हें अहसास हुआ कि वह डिजिटली अरेस्ट हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों को बताया। पूर्व औरद विधायक गुंडप्पा वकील ने 6 सितंबर को FIR दर्ज कराई। बेंगलुरु के CCB सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन पुलिस मामले की जांच कर रही है।

