19 दिन से 'खिलौना' बना ब्रिटेन का F-35 जेट: 40 इंजीनियर 5 जुलाई को आएंगे भारत, टुकड़ों में जाएगा ताकतवर लड़ाकू विमान
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ब्रिटेन के जेट F-35B की नहीं हो सकी मरम्मत
ब्रिटेन के फाइटर जेट F-35B इमरजेंसी लैंडिंग के 19 दिनों के बाद भी रिपेयर नहीं हो सका। इस लड़ाकू विमान की मरम्मत करने के लिए ब्रिटेन से 40 सदस्यों की टीम 5 जुलाई को केरल आएगी।
ब्रिटिश रॉयल नेवी के लड़ाकू विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद कई बार उड़ान भरने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार असफल रहा अब एक्सपर्ट इंजीनियरों की टीम विमान में खराबी की जांच करेगी।
टुकड़ो में ब्रिटेन ले जाया जाएगा
अगर F-35B की मरम्मत नहीं की जा सकी तो इसको अलग अलग टुकड़ो में ब्रिटेन ले जाया जाएगा। इसे भारत से ले जाने के लिए C-17 ग्लोबमास्टर जैसे स्पेशल ट्रांसपोर्ट प्लेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्यों हुई इमरजेंसी लैंडिंग
दरअसल, 14 जून की रात केरल के समुद्री तट से 100 समुद्री मील दूर ब्रिटिश रॉयल नेवी का एक F-35B लाइटनिंग II फाइटर जेट एक ऑपरेशन कर रहा था। अचानक खराब मौसम और कम फ्यूल के करण इसकी इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इंडियन एयर फोर्स ने सुरक्षित लैंडिंग में मदद की और F-35B को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया।
F-35B सबसे एडवांस जेट
F-35B लाइटनिंग II फाइटर जेट की कीमत 918 करोड़ रुपये है। F-35B विमान ब्रिटेन की रॉयल नेवी के HMS प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है। अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने इसको बनाया है। यह विमान पांचवी पीढ़ी के रडार से पकड़ा नहीं जा सकता है। F-35B सबसे खतरनाक और एडवांस लड़ाकू विमानों में से एक है।

