बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद पर तिहाड़ जेल में हमला : ट्रांसजेंडर कैदियों ने पीटा; मामूली चोटें आईं, AIP बोली- यह जान लेने की साजिश, जेल प्रशासन ने आरोपों को झूठा बताया
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बारामूला के सांसद इंजीनियर राशिद टेरर फंडिंग मामले में 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क। बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद पर तिहाड़ जेल में हमला हुआ। उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने दावा है कि कुछ ट्रांसजेंडर बंदियों ने उन्हें धक्का देकर गिराया और उन पर एक टूटा गेट फेंका। बयान में कहा गया- अगर गेट सीधे लगता तो यह जानलेवा हो सकता था। जेल सूत्रों ने भी माना कि करीब एक हफ्ते पहले राशिद पर हमला हुआ था, जिससे उन्हें हल्की चोटें आईं। वह फिलहाल तिहाड़ जेल नंबर 3 में बंद हैं, जहां तीन ट्रांसजेंडर कैदी भी हैं।
जेल में टारगेट किए जा रहे कश्मीरी कैदी
AIP का कहना है कि तिहाड़ में कश्मीरी कैदियों को जानबूझकर ट्रांसजेंडर बंदियों के साथ रखा जा रहा है और उन्हें उकसाने के लिए कहा जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों से एक सिस्टमेटिक कैंपेन चल रहा है, जिसमें कश्मीरी कैदियों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक, राशिद ने अपने वकील को बताया कि कई और कश्मीरी कैदियों के साथ भी मारपीट और अपमानजनक व्यवहार हुआ है।
'नमाज अदा करते वक्त किया जाता है परेशान'
राशिद की पार्टी ने आरोप लगाया कि कश्मीरी कैदियों को सबसे ज्यादा परेशान तब किया जाता है जब वे नमाज अदा करने लगते हैं। AIP ने कहा- जानबूझकर नमाज के वक्त शोर मचाया जाता है, ताकि उन्हें उकसाया जा सके। HIV पॉजिटिव ट्रांसजेंडर कैदियों को भी कश्मीरी बंदियों के साथ रखा गया है। इन ट्रांसजेंडर कैदियों को बड़े गैंगेस्टर्स का सपोर्ट हासिल है।
तिहाड़ प्रशासन ने आरोपों को खारिज किया
तिहाड़ प्रशासन ने हत्या की साजिश के आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह महज एक झगड़ा था और इसकी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि राशिद सुरक्षित हैं और उनकी चोटें मामूली हैं। हालांकि AIP ने इसे जानलेवा हमला करार देते हुए कहा कि अगर तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी कश्मीरी कैदियों की सुरक्षा की गारंटी की मांग की है।
2019 से जेल में बंद हैं इंजीनियर राशिद
बारामूला के सांसद इंजीनियर राशिद 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्हें 2019 में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने 2017 के टेरर फंडिंग केस में गिरफ्तार किया था। 2024–25 में उन्हें चुनाव प्रचार, संसद सत्र में शामिल होने के लिए कुछ दिनों की अंतरिम जमानत या पैरोल मिली थी। इंजीनियर राशिद पर कश्मीर में अलगाववादी और आतंकवादी संगठनों को आर्थिक सहायता देने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।

