गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड-1094: बक्सर में एनकाउंटर के दौरान दो शूटर्स को गोली लगी, गिरफ्तार; एक मददगार भी हिरासत में
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पटना के पारस हॉस्पिटल में 17 जुलाई को सुबह 5 शूटरों ने चंदन मिश्रा की हत्या कर दी थी। तस्वीर सीसीटीवी में कैद आरोपियों की है।
पटना के पारस हॉस्पिटल में 17 जुलाई को गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार के भोजपुर में हुई मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा इनके एक और सहयोगी को गिरफ्त में लिया गया है।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शूटर बलवंत कुमार सिंह (22 साल) और रवि रंजन (20 साल) को गिरफ्तार किया है। दोनों बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं। पुलिस के बाद अस्पताल के सीसीटीवी में जो 5 शूटर दिखे थे, उनमें तीसरे नंबर पर बलवंत और 5वें पर रवि चल रहा था।
बिहार पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान रवि रंजन की जांघ में गोली लगी और बलवंत के हाथ और पैर में चोट आई है। इसके बाद दोनों को आरा के सदर हॉस्पिटल में भर्ति करवाया गया है। हॉस्पिटल में सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं।
इससे पहले बीते शनिवार, बिहार पुलिस ने चंदन मिश्रा हत्याकांड के शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह, उसके चचेरे भाई निशु खान और दो साथियों हर्ष और भीम को कोलकाता से गिरफ्तार किया। तौसीफ को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया, जबकि अन्य को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हॉस्पिटल में 5 शूटरों ने की थी हत्या
बिहार की राजधानी पटना में 5 शूटरों ने सुबह करीब 7 बजे पारस हॉस्पिटल में घुसकर चंदन मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। चंदन मिश्रा खुद एक गैंगस्टर था। वह हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता भी था। अभी वह पैरोल पर छूटकर वापस आया था और पारस हॉस्पिटल में इलाज करा रहा था।
कौन था गैंगस्टर चंदन मिश्रा
चंदन मिश्रा बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला था। चंदन पर 24 केस दर्ज थे। हत्या के मामले में वह सजायाफ्ता भी था और बक्सर जेल में सजा काट रहा था। कुछ समय पहले ही चंदन को भागलपुर लाया गया था। चंदन की अचानक तबीयत बिगड़ी तो उसे 21 दिन की पैरोल पर इलाज के लिए पटना भेजा गया था।
हत्या के बाद शूटरों ने मनाया जश्न
हॉस्पिटल में एंट्री लेते शूटरों में सबसे आगे तौसीफ ही था। उसने अपना चैहरा भी नहीं छिपा रखा था। उसके हाथ में पिस्टल थी। वह साथी शूटरों के साथ आईसीयू में एंट्री लेता है और हत्या को अंजाम देता है। इसके बाद चार शूटर भागते हुए अस्पताल से बाहर निकले। जबकि तौसीफ बेखौफ आऱाम से चलता हुआ बाहर आया। पुलिस के मुताबिक, तौसीफ का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है। उस पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस चल रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही तौसीफ सुपारी किलिंग का काम करने लगा था।
हत्याकांड से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया, जिसमें तौसीफ अपने दो साथी शूटरों के साथ बाइक पर बैठा नजर आ रहा है। उसके एक हाथ में गन थी। सभी शूटरों ने हत्या को अंजाम देने के बाद जश्न मनाया।

