इमरजेंसी के 50 साल: BJP ने मनाया संविधान हत्या दिवस, शाह बोले- आपातकाल सत्ता की भूख का अन्यायकाल
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अमित शाह
इंदिरा गांधी सरकार ने 1975 में आज के दिन ही इमरजेंसी लगाई थी। इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर बीजेपी इसे 'संविधान हत्या दिवस' के तौर पर मना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, आपातकाल’ कांग्रेस की सत्ता की भूख का ‘अन्यायकाल’ था। 25 जून 1975 को लगे आपातकाल में देशवासियों ने जो पीड़ा और यातना सही, उसे नई पीढ़ी जान सके, इसी उद्देश्य से मोदी सरकार ने इस दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ का नाम दिया। यह दिवस बताता है कि जब सत्ता तानाशाही बन जाती है, तो जनता उसे उखाड़ फेंकने की ताकत रखती है।'
50 साल बाद भी कांग्रेस की वही सोच:नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा, कांग्रेस पार्टी आज भी आपातकाल वाली मानसिकता में है और संविधान की हत्या करने की कोशिश कर रही है। जिस तरह इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा कर संविधान की हत्या की थी। यह सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला था। 25 जून 1975 को आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 'आंतरिक अशांति' के बहाने देशभर में आपातकाल थोप दिया और संविधान को खत्म कर दिया। आज 50 साल बाद भी कांग्रेस की वही सोच कायम है।'
641 दिन तक लागू रहा आपातकाल
25 जून 1975 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी। आपातकाल लगभग 21 महीने तक यानी करीब 641 दिन तक लागू रहा। आपातकाल के दौरान विपक्ष के कई नेताओं को जेल भेजा गया था। बीजेपी आपातकाल को संविधान और लोकतंत्र की हत्या बताती है और आरोप लगाती है कि इंदिरा गांधी ने सत्ता के लालच में इमरजेंसी लगाई थी। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि देश में आंतरिक शांति बनाए रखने के लिए आपातकाल की घोषणा की गई थी।

