EC ने कहा- हमारे स्टाफ को धमका रहे राहुल गांधी: चुनाव आयोग बोला- कभी किसी मुद्दे पर Email नहीं किया, 2 बार बुलाने पर भी नहीं आए
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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और बिहार SIR को लेकर लगातार चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं और वोटों की चोरी करने का आरोप लगा रहे हैं। राहुल के आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने जवाब दिया है। चुनाव आयोग ने कहा, राहुल गांधी ने कभी भी किसी भी मुद्दे पर चुनाव आयोग को कोई पत्र नहीं भेजा। वे बेतुके आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने अब चुनाव आयोग के कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया है। यह निंदनीय है।
दरअसल, चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में वोटर लिस्ट रिवीजन करा रहा है। कांग्रेस, राजद, टीएमसी समेत तमाम विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। संसद के मानसून सत्र में बिहार SIR के मुद्दे पर जमकर हंगामा हो रहा है।
राहुल गांधी बोले- चुनाव आयोग वोट चोरी में शामिल
इसी बीच राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया था। राहुल ने कहा था, हमारे पास इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि चुनाव आयोग वोट चोरी में शामिल है. चुनाव आयोग में ऊपर से नीचे तक जो भी इस काम में शामिल हैं, हम आपको नहीं छोड़ेंगे। आप भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं और यह देशद्रोह से कम नहीं है। आप कहीं भी हों, भले ही आप सेवानिवृत्त हों, हम आपको ढूंढ निकालेंगे।
वहीं, RJD सांसद मनोज झा ने SIR पर कहा, देश और खासकर बिहार के लिए इस समय सबसे गंभीर मुद्दा SIR है। विशेष गहन पुनरीक्षण को विशेष गहन विलोपन में बदल दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद, चुनाव आयोग इस प्रक्रिया में आधार कार्ड को शामिल नहीं कर रहा है। पता नहीं चुनाव आयोग को क्या स्क्रिप्ट थमा दी गई है। हमने इस पर चर्चा की मांग की थी। सदन और वेल के बीच तिहाड़ जेल जैसी बैरिकेडिंग कर दी गई। हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था। SIR, 'वोटबंदी' का दूसरा नाम है।
चुनाव आयोग ने क्या दिया जवाब
- चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को 12 जून 2025 को एक मेल भेजा था। वे आए नहीं।
- चुनाव आयोग ने उन्हें 12 जून 2025 को पत्र भेजा, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
- राहुल गांधी ने कभी भी किसी भी मुद्दे पर चुनाव आयोग को कोई पत्र नहीं भेजा।
- 'यह बहुत अजीब है कि वह बेतुके आरोप लगा रहे हैं और अब चुनाव आयोग और उसके कर्मचारियों को धमकाना भी शुरू कर दिया है। यह निंदनीय है!'
- चुनाव आयोग ऐसे सभी गैर-जिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करता है और अपने सभी कर्मचारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करते रहने का अनुरोध करता है।
बिहार में क्यों कराया गया SIR
24 जून को चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराने का ऐलान किया था। चुनाव आयोग का कहना है कि लगातार पलायन, युवा वोटरों को शामिल करने, मौतों की सूचना न देने, अवैध विदेशी प्रवासियों के शामिल होने और तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए वोटर लिस्ट रिवीजन जरूरी है। इससे वोटर लिस्ट में होने वाली गलतियों को सुधारा जा सकेगा।

