E20 पेट्रोल से एक लीटर पर लोगों के 30 रुपए बचे: सरकार बोली- एथेनॉल नहीं मिलाते तो दिल्ली में दाम 125 रुपए होते, कहा- 75 दिन तक कीमत नहीं बढ़ने दी
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E20 पेट्रोल को लेकर देश में कंट्रोवर्सी चल रही है। लोगों का कहना है कि इससे गाड़ियों के इंजन जल्दी खराब हो रहे हैं। माइलेज में कमी आने की पुष्टि भी हुई है।
नेशनल डेस्क। केंद्र सरकार ने कहा है कि E20 पेट्रोल से हर शख्स को एक लीटर पर 30 रुपए तक की बचत हुई। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि अगर यह प्रोग्राम लागू नहीं किया जाता तो ईरान-अमेरिका जंग के कारण जब क्रूड के दाम 135 डॉलर/बैरल पहुंचे, तब दिल्ली में पेट्रोल 125 रुपए लीटर करना पड़ता।
मिनिस्ट्री ने बताया कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद दिल्ली में पेट्रोल के दाम 95 रुपये प्रति लीटर से कम रहे।
दरअसल, फरवरी में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल तक थे। जैसे ही मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी तो यह दाम 100 डॉलर के पार पहुंच गए। एक से दो हफ्ते तक कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के लेवल को भी छूती रही। लेकिन उस दौरान भारत में कहीं भी पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए गए। हालांकि आखिरी-आखिरी में सरकार ने बढ़ोतरी जरूर की थी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने शुक्रवार (31 जुलाई) को बताया कि देश में 20 फीसदी एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से तय कीमतों पर खरीदा जाता है। यही कारण रहा कि मिडिल ईस्ट जंग के कारण दुनियाभर में तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर हमारे यहां पेट्रोल पर नहीं पड़ा।
75 दिनों तक नहीं बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
सरकार ने बताया कि 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में लड़ाई शुरू होने के बाद करीब 75 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। इसके बाद मई में दोनों फ्यूल की कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
फिलहाल दिल्ली में 91 ऑक्टेन वाला E20 पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर जबकि 100 ऑक्टेन पेट्रोल 169 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। हालांकि क्रूड के दाम एक बार फिर 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ चुके हैं लेकिन देश में पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं किए गए हैं।

गरीबों का अनाज एथेनॉल बनाने में इस्तेमाल नहीं हुआ
पेट्रोलियम मंत्रालय ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि गरीबों के लिए रखे गए सब्सिडी वाले चावल एथेनॉल प्रोडक्शन में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह बात पूरी तरह बेबुनियाद है।
पुराने वाहनों में माइलेज 2-6% तक घट सकता है
सड़क परिवहन मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि ARAI, SIAM और इंडियन ऑयल की स्टडी के मुताबिक, E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किए गए BS-III, BS-IV और BS-VI पेट्रोल गाड़ियों में E20 इस्तेमाल करने पर गाड़ी की कैटेगरी और उम्र के आधार पर माइलेज 2% से 6% तक कम हो सकता है।
इससे पहले 20 जुलाई को राज्यसभा में पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा था कि ऐसे वाहनों में माइलेज में कमी 3% से 5% के बीच सीमित रहती है।
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