एड्रेस बदलने वालों के नाम हटे!: दिल्ली SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में उम्र और नाम में गड़बड़ी के दावे, फोटो अपडेट न होने पर भी सवाल
Published:
5 min read

दिल्ली में SIR जून में शुरू हुई। 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची आई। फिलहाल दावे और आपत्तियां दर्ज करने की विंडो है। फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को आएगी।
नेशनल डेस्क। दिल्ली में वोटर लिस्ट रिव्यू यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद काटे गए नामों और एंट्रियों में गड़बड़ी की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। जिन लोगों के नाम SIR के बाद वोटर लिस्ट में शामिल हैं, उनमें से कई ने अपने नाम, उम्र और दूसरी जानकारियों के गलत प्रिंट होने के दावे किए हैं। कुछ ने यह भी दावे किए हैं कि एड्रेस बदलने के कारण उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है।
दिल्ली की वोटर लिस्ट में कुल 47.6 लाख नाम कम हुए हैं। SIR के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 1.45 करोड़ वोटर्स की संख्या घटकर 97.4 लाख रह गई है। यानी कुल वोटरों में 32.78% की कमी आई है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, हटाए गए नामों में ऐसे लोग शामिल हैं जो इलाका छोड़कर कहीं और चले गए, दूसरी जगह वोटर के तौर पर रजिस्टर हुए, इस दुनिया में नहीं रहे या किसी वजह से एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर पाए।
किसी की उम्र एक साल कम, किसी के नाम की स्पेलिंग गलत
टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सबसे ज्यादा शिकायत उम्र को लेकर सामने आ रही है। दिल्ली में वोटर की उम्र तय करने की तारीख 1 अक्टूबर है। इसके बावजूद कई ऐसे लोगों की उम्र ड्राफ्ट लिस्ट में एक साल कम दर्ज हो गई, जिनका जन्मदिन 1 अक्टूबर से पहले आता है।
रिपोर्ट में कोंडली के वोटर पी. सुंदरराजन के हवाले से लिखा गया कि उनका जन्म 12 सितंबर 1957 को हुआ। उन्हें उम्मीद थी कि ड्राफ्ट लिस्ट में उनकी उम्र 69 साल होगी, लेकिन वहां उम्र 68 साल दर्ज है। चुनाव अधिकारियों से इसकी वजह पूछी गई तो वे साफ जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों का कहना है कि वोटर डेटाबेस में जन्म की तारीख दर्ज है, इसलिए उम्र में एक साल का फर्क ज्यादा मायने नहीं रखता। हालांकि, यह भी कहा गया कि फाइनल वोटर लिस्ट में उम्र ठीक करने की कोशिश की जा रही है।

एक ही परिवार के तीनों लोगों की उम्र घट गई
टेलीग्राफ ने लिखा है कि कालकाजी के यादव परिवार के तीनों वोटरों की उम्र ड्राफ्ट लिस्ट में एक-एक साल कम कर दी गई। इतना ही नहीं, फैमिली की महिला सदस्य के नाम में एक और 'यादव' जोड़ दिया गया। परिवार का कहना है कि SIR से पहले वाली वोटर लिस्ट में उनकी सभी जानकारी सही थी। इसके बावजूद नई लिस्ट में बदलाव कैसे हुआ, इसका जवाब BLO नहीं दे पाए।
7 साल कम उम्र और नाम भी गलत
रिपोर्ट में त्रिलोकपुरी के चंदर पाल के हवाले से लिखा गया कि उनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में 'चंद्र पाल' कर दिया गया है। उनकी उम्र भी असल उम्र से 7 साल कम दर्ज है।
पाल का कहना है कि पुरानी वोटर लिस्ट में भी ये गलतियां थीं। BLO ने उन्हें पुरानी लिस्ट के मुताबिक, जानकारी भरने को कहा था। उन्होंने आधार कार्ड भी दिया, लेकिन इसके बावजूद गलती ठीक नहीं हुई। अब उन्होंने voters.eci.gov.in पर Form-8 जमा किया है।
घर बदलने वालों के नाम कटे!
SIR के दौरान ऐसे कई लोगों के नाम भी ड्राफ्ट लिस्ट से हट गए हैं, जिन्होंने अपना घर तो बदल लिया था, लेकिन वोटर लिस्ट में पता अपडेट नहीं कराया था।
टेलीग्राफ के मुताबिक, तिमारपुर के वोटर आशीष रंजन ने कुछ वक्त पहले शिफ्टिंग की। वह शालीमार बाग चले गए। उनके सभी दस्तावेज पुराने एड्रेस से जुड़े हैं।
रंजन के मुताबिक, तिमारपुर और शालीमार बाग के BLO ने उन्हें तिमारपुर से ही फॉर्म जमा करने की सलाह दी थी क्योंकि SIR शुरू होने के बाद वोटर लिस्ट फ्रीज थी। लेकिन ड्राफ्ट लिस्ट आने पर उनका नाम गायब मिला। अब BLO ने उन्हें Form-6 भरकर नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है।

Form-6 को लेकर भी वोटरों में कन्फ्यूजन
यहीं से एक और सवाल खड़ा हो गया है। Form-6 में वोटरों को यह घोषणा करनी होती है कि वह पहली बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहा है।
तिमारपुर की एक अन्य महिला, जो बाद में मालवीय नगर चली गईं, का नाम भी ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं मिला। उनका सवाल है कि अगर वह Form-6 भरती हैं तो क्या यह गलत घोषणा नहीं होगी, क्योंकि वह पहले से वोटर रही हैं?
अब सवाल- SIR के बाद कितने नाम सही मायने में हटे?
दिल्ली की वोटर लिस्ट में करीब एक तिहाई नाम कम होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इनमें कितने वोटर वास्तव में दूसरी जगह चले गए, कितने की मौत हो चुकी है या वे दूसरी जगह रजिस्टर्ड हैं और कितने नाम गलत जानकारी या फॉर्म से जुड़ी समस्या के कारण हटे हैं।
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम, उम्र और पते को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने SIR की प्रोसेस और उसकी सटीकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर फाइनल वोटर लिस्ट पर है। देखना होगा कि आखिर में इन गलतियों को कितना सुधारा जाता है।
यह भी पढ़ें...

