दिल्ली में इंटरनेशल ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़: 100 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी, 5 विदेशी नागरिक गिरफ्तार; फूड डिलीवरी ऐप्स की तरह करते थे सप्लाई
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सिम्बॉलिक इमेज।
दिल्ली पुलिस ने इंटरनेशल ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने 100 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी है। आरोपी ऐप्स के माध्मय से ड्रग्स की सप्लाई करते थे। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 विदेशी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंडिया में ऑपरेशन हेड और 3 नाइजीरियाई शामिल हैं।
अफ्रीका से चल रहा था ड्रग सिंडिकेट
ड्रग्स सिंडिकेट कार्टेल कॉल सेंटर मॉडल पर अफ्रीका से संचालित हो रहा था। इसका मुख्य सरगना नाइजीरियन 'कालिस्टस' है। इसके तार मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूके से भी जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस ने हवाला और फर्जी पासपोर्ट का भी खुलासा किया है।
नाइजीरियन 'कालिस्टस' सोशल मीडिया, व्हॉट्सएप कॉल सेंटर और ऐप के जरिए इस नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था।
ड्रग्स, कैश और कार जब्त
- 2,700 ग्राम कोलंबियन कोकीन
- 1,000 ग्राम MDMA
- एक किली से अधिक OG गांजा
- एक सेडान कार
- 2 लाख रुपये
- मोबाइल और पासपोर्ट
दिल्ली के मोतीनगर सुविधा सेंटर पर संदिग्ध पार्सल पकड़े जाने पर पुलिस ने जांच की। पुलिस के मुताबिक, इंडियव सूट्स और लेडीज सैंडल के पार्सल में 895 ग्राम MDMA के पैकेट छिपा हुआ था। फर्जी पते और आईडी के आधार पर पुलिस कैमनी फिलिप पहुंची। एक कैमरूनी नागरिक इस सिंडिकेट को ऑपरेट करते हुए पाया गया।
कैसे काम कर रहा था ड्रग्स नेटवर्क
TOI से बात करते हुए स्पेशल कमिश्नर (क्राइम) देवेश श्रीवास्तव ने कहा कि सिंडिकेट फूड डिलीवरी ऐप की तरह ड्रग्स की सप्लाई करता था। यह लोग व्हाट्स एप के जरिए कॉल सेंटर मॉडल पर ड्रग्स का ऑर्डर लेते थे। कैमनी फिलिप से पूछताछ में पूरे कार्टेल चैन का खुलासा हुआ। पुलिस ने 3 नाइजीरियाई नागरिकों को पकड़ा है, इनके नाम गॉडविन जॉन, केलेची चिकवे और इबे चिनेदु ऑस्टिन हैं।
व्हॉट्सएप के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी
एडिश्नल कमिश्नर मंगेश कश्यप ने बताया कि सिंडिकेट कोलंबियाई कोकीन की तस्करी के लिए भारतीय महिलाओं का इस्तेमाल करता था, क्योंकि महिलाओं की एयरपोर्ट पर कम सुरक्षा जांच होती है। ड्रग्स जब भारत में फिलिप के पास पहुंचती है, तब वह उसे लोकल डिस्ट्रिब्यूटर गॉडविन जॉन को भेज देता है। गॉडविन जॉन एक किलो कोलंबियाई कोकीन में 4 किलो मिलावट करके उसे एजेंट को भेज देता है। लेवल-B ऑपरेटर्स जैसे विक्टर लेवल-C पेडलर्स को दिल्ली- NCR में फाइनल डिलीवरी देते हैं। आखिर में ड्रग्स लोगों तक पहुंचाई जाती है। कलेक्शन को वीकली भेजा जाता है।
मनी लॉंड्रिग नेटवर्स का खुलासा
दिल्ली में ड्रग्स की डिलीवरी और पेमेंट ड्रॉप लोकेशन से होती थी। पैसे हवाला कारोबार के जरिए नाइजीरिया भेजा जाता था। दिल्ली DCP हर्ष इंदोरा ने कहा कि नाईजीरिया में रहने वाले भारतीय अपने घर पैसा ड्रग्स कार्टेल को नायरा (नाइजीरिया की करंसी) में भेजते थे, और भारत में उनके परिवारों को उतनी ही राशि रुपये में मिलती थी। यह लोग भारतीय बैंकिंग प्रणाली को बायपास करके यह कार्टेल चला रहे थे। इस मनी एक्सचेंज नेटवर्क ने ड्रग्स सिंडिकेट को चलाने में मदद की। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है इसमें और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

