दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप का केस खारिज किया: जज ने कहा- कपल परिवार की तरह खुशी से रह रहा; ट्रायल चलाना न्याय के हित में नहीं
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दिल्ली हाईकोर्ट ने युवक के खिलाफ दर्ज रेप और पॉक्सो के तहत FIR को रद्द कर दिया है।
नेशनल डेस्क. दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप और POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा, दोनों पक्षों ने विवाद को सुलझा लिया है और कपल परिवार की तरह खुशी से रह रहा है। दोनों के दो बच्चे भी हैं।
दरअसल, पीड़िता की उम्र जब 17 साल 10 महीने थी, याचिकाकर्ता साहिल चंद्र के साथ रिलेशनशिप में थी। उसी दौरान दोनों के बीच संबंध बने और पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई। इसके बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो साहिल चंद्र के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया गया था। तब लड़की नाबालिग थी, ऐसे में पुलिस ने पॉक्सो की धाराएं भी जोड़ी थीं।
कोर्ट ने कहा- केस चलाना, न्याय के हित में नहीं
साहिल चंद्र ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और FIR रद्द करने की मांग की थी। इस पर जस्टिस गिरीश कथपालिया की बेंच ने माना कि वर्तमान परिस्थिति में कपल को आपराधिक मामले में घसीटने की कोई वजह नहीं है।
'कपल मुकदमा आगे नहीं चलाना चाहते'
सुनवाई के दौरान जज ने दोनों पक्षों से बातचीत की। इस दौरान पीड़िता ने बयान दर्ज कराया कि अब वह इस केस को आगे नहीं ले जाना चाहती है। जस्टिस कथपालिया ने FIR रद्द करते हुए कहा, हमने दोनों पक्षों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे अपने दो बच्चों के साथ एक परिवार के तौर पर खुशी-खुशी रह रहे हैं।
उधर, दिल्ली पुलिस ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर विरोध नहीं जताया। पुलिस ने कोर्ट में कहा- उनकी इस मामले में कोई आपत्ति नहीं है।

