दिल्ली हाईकोर्ट की रेस्टोरेंट एसोसिएशन को फटकार: 20 रुपए की पानी की बोतल के लिए 100 रुपए वसूल रहे, फिर सर्विस चार्ज क्यों लिया जा रहा
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दिल्ली हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस्टोरेंट एसोसिएशन को रेस्टोरेंट्स के सर्विस चार्ज वसूलने पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा- जब रेस्टोरेंट एक्सपीरियंस के नाम पर MRP पर ज्यादा पैसा वसूल रहे हैं, तो फिर सर्विस चार्ज क्यों लगा रहे हैं।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के 28 मार्च को दिए आदेश को चुनौती दी गई थी।
सर्विस चार्ज लगाना गलत- हाईकोर्ट
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, 28 मार्च को कोर्ट ने कहा था कि रेस्टोरेंट में खाने के बिल पर जबरन सर्विस चार्ज लगाने का तरीका पब्लिक इंट्रेस्ट के खिलाफ और गलत व्यापार व्यवहार के समान है। कोर्ट ने कहा गया कि सर्विस चार्ज वसूलना कंज्यूमर के लिए "दोहरी मार" है। कंज्यूमर की शिकायतों और रेस्टोरेंट के बिलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि सर्विस चार्ज मनमाने ढंग से वसूला जा रहा है। इसे जबरन लागू किया जा रहा है।
इस आदेश के खिलाफ नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) और फेडरेशन ऑफ होटल्स और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने दिल्ली हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी।
'20 रुपए की पानी बोतल 100 रुपए में क्यों बेची जा रही'
हाईकोर्ट ने 22 अगस्त शुक्रवार को मामले में सुनवाई की। इस दौरान कहा- रेस्टोरेंट फूड आइटम्स, अच्छे एंबिएंस और सर्विस के चार्ज विजिटर्स से लेते हैं। साथ ही MRP पर ज्यादा पैसे जबरन लिए जाते हैं। NRAI और FHRAI के वकील से कोर्ट ने पूछा- जब रेस्टोरेंट 20 रुपए की पानी की बोतल के लिए 100 रुपए ले रहे हैं, तो कस्टमर को अन्य सर्विस के लिए ज्यादा चार्जेस क्यों देना होगा।
कोर्ट ने कहा- मेन्यू में 20 रुपए की पानी की बोतल के लिए 100 रुपये क्यों लिखा जा रहा है। जबकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह 80 रुपए अतिरिक्त उस एंबिएंस के लिए है जो कस्टमर को प्रोवाइड किया जा रहा है।

