सोनम वांगचुक अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज करा सकेंगे: दिल्ली HC ने मेदांता शिफ्ट करने की अनुमति दी; डॉक्टरों का पैनल बनेगा
Published:
3 min read

सोनम वांगचुक 20 दिन से नीट यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर भूख हड़ताल पर थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में एडमिट कराया था।
नेशनल डेस्क. दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने मेदांता अस्पताल को वांगचुक के इलाज के लिए डॉक्टरों का एक पैनल गठित करने का भी आदेश दिया।
दरअसल, सोनम वांगचुक NEET यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर 20 दिनों की भूख हड़ताल पर थे। उन्हें दिल्ली पुलिस ने जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की मांग की थी। याचिका में लंबे अनशन के बाद वांगचुक की बिगड़ती सेहत का हवाला दिया गया था।
ये भी पढ़ें: सरकार ने कैसे संभाला CJP का संसद मार्च: पुलिस को संयम बरतने को कहा, प्रोटेस्टर्स को धीरे-धीरे आगे बढ़ने दिया; जेपी नड्डा को प्रदर्शनकारियों से बातचीत की जिम्मेदारी दी
NEET पेपर लीक घोर पाप : NDA संसदीय दल की बैठक में PM मोदी बोले- दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे
कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा- हम उन्हें मेदांता शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखते हैं। उनका इलाज वहीं किया जाएगा। सफदरजंग अस्पताल में हुए इलाज की पूरी जानकारी और सभी मेडिकल रिपोर्ट मेदांता अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र को उनकी सेहत की मॉनिटरिंग करने और उचित जरूरी इलाज उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
केंद्र ने अस्पताल बदलने पर आपत्ति नहीं जताई
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार को वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने कोर्ट में अपील की- वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के बिना अस्पताल से छुट्टी न लें। मेहता ने कहा कि सोनम के आसपास मौजूद कुछ लोग उन्हें अस्पताल से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह दोबारा प्रदर्शन स्थल पर लौटते हैं तो उनकी सेहत और बिगड़ सकती है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी रखा है। इससे पहले CJP ने 20 जुलाई यानी सोमवार को संसद मार्च बुलाया था। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। CJP ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले पथराव किया था। इसके बाद हल्का बल इस्तेमाल करना पड़ा।

