दिल्ली: पुराने वाहनों को ईंधन न मिलने के फैसले पर लगे रोक, बीजेपी सरकार का CAQM को लेटर
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फाइल फोटो
दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों के लिए फ्यूल बैन पॉलिसी पर रोक लगाने की मांग की है। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को पत्र लिखकर ELVs (एंड ऑफ लाइफ व्हीकल्स) के लिए फ्यूल बैन करने के फैसले पर होल्ड लगाने की मांग की है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने कहा है कि तकनीकी चुनौतियों और कॉम्प्लैक्स सिस्टम की वजह से राजधानी में पुराने वाहनों पर फ्यूल बैन व्यवहारिक तौर पर सही नहीं है। ऐसे में हम CAQM से अपील करते हैं कि निर्देश संख्या 89 को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, जब तक पूरे एनसीआर में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनाइजेशन सिस्टम लागू न हो जाए।
उन्होंने कहा, हमें विश्वास है कि दिल्ली सरकार के प्रयासों से एयर क्वालिटी में पर्याप्त सुधार आएगा। सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, लोग इस कदम से असंतुष्ट हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है।
1 जुलाई को लागू हुआ था नया नियम
दिल्ली में 1 जुलाई से 10 साल पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के लिए फ्यूल बैन का नियम लागू हुआ था। दिल्ली को प्रदूषण से आजादी दिलाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, दिल्ली और ट्रैफिक पुलिस की ओर से ये कदम उठाया गया था। इसके लिए दिल्ली के सभी पेट्रोल पंप पर निगरानी के लिए टीमें तैनात की गई थीं। सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया था कि वे पुराने वाहनों को डीजल और पेट्रोल नहीं देंगे। निगरानी टीमों को पेट्रोल पंप पर वाहनों को सीज करने और मालिकों पर जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया था।
फैसले के विरोध के बाद दिल्ली सरकार की अपील
ईंधन बैन के इस फैसले का दिल्ली की जनता खुलकर विरोध कर रही थी। यहां तक कि कई बीजेपी नेताओं ने भी इसकी खामियां बताई थीं। लोगों का दावा था कि पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के बावजूद उन्हें अपनी कारों के लिए फ्यूल नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं इस फैसले के बाद लोगों को लाखों करोड़ों रुपये की कारों को कौड़ियों के दामों में बेचने की नौबत तक आ गई थी।

