CRPF में Buddy System : सुसाइड रोकने के लिए 8 साल बाद फिर शुरू; 5 साल में 281 जवान खुदकुशी के शिकार- यहां डीटेल्स
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इस साल मई तक 19 CRPF जवानों ने सुसाइड किया है (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. CRPF ने जवानों के बढ़ते सुसाइड केस के बीच फिर से 'Buddy' सिस्टम फिर से शुरू करने का फैसला किया है। सेना Buddy सिस्टम का इस्तेमाल सियाचिन और लद्दाख जैसे कठिन इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए करती है।
राज एक्प्रेस के इस नेशनल एक्सप्लेनर में हमने इस सिस्टम की तमाम बारीकियों को समझाने की कोशिश की है। देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम इस एक्सप्लेनर को पढ़िए...समझिए और हां...शेयर जरूर कीजिए।
पहले शुरू, फिर बंद....अब फिर क्यों शुरुआत
'Buddy' सिस्टम में जवानों को पेयर में तैनात किया जाता है, ताकि शारीरिक और भावनात्मक तनाव के वक्त वे एक दूसरे का ख्याल रख सकें। ये सिस्टम CRPF में पहले था, लेकिन इसे 2018 में बंद कर दिया गया था, हालांकि इसे बंद करने के लिए पीछे कोई ठोस वजह नहीं बताई गई थी।
पैरामिलिट्री जवानों के वेलफेयर एसोसिएशन के अधिकारी ने बताया,CRPF तनाव कम करने के लिए जवानों को योग और काउंसलिंग भी कराती है, लेकिन जवानों को सबसे ज्यादा जरूरत अच्छी लिविंग कंडीशन और उनके परिवारों के लिए अच्छे आवास की जरूरत है।

CRPF में 3 लाख जवान
CRPF देश का सबसा बड़ा पैरामिलिट्री फोर्स है। इसमें करीब 3 लाख जवान हैं। पिछले साल CRPF के 59 जवानों ने सुसाइड किया। ये पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा है। इनमें से 80% से ज्यादा सुसाइड निचले रैंक के जवानों ने कीं और 77% से अधिक सुसाइड ड्यूटी के दौरान हुईं।
द टेलिग्राफ की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि पिछले कुछ सालों में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद होने वाले जवानों की तुलना में सुसाइड करने वालों की संख्या ज्यादा रही है।
CRPF के एक सीनियर अफसर ने बताया कि सुसाइड जैसी समस्याओं से निपटने के लिए हम लगातार कदम उठा रहे हैं। इनमें Buddy सिस्टम को फिर से शुरू करना भी शामिल हैं।

CRPF के अफसरों ने सुसाइड के पीछे बार-बार सामने आने वाली वजहों की पहचान करने और सपोर्ट सिस्टम में सुधार की सलाह के लिए एक हाई लेवल कोर ग्रुप बनाया है।


