मालेगांव ब्लास्ट में सभी 7 आरोपी बरी: दिग्विजय सिंह बोले- ना हिंदू आतंकवादी होता है, ना मुसलमान, कुछ लोग नफरत के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे
Published:
2 min read

दिग्विजय सिंह बोले- धार्मिक आधार पर कोई आतंकवाद नहीं होता है।
2008 मालेगांव ब्लास्ट में NIA कोर्ट ने बीजेपी की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ना हिंदू आतंकवादी होता है, न मुसलमान। कुछ लोग नफरत के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं। दरअसल, बीजेपी मालेगांव हमले के बाद से दिग्विजय सिंह पर 'हिंदू आतंकवाद' शब्द गढ़ने का आरोप लगाती रही है।
दिग्विजय सिंह ने कहा, ना हिंदू आतंकवादी होता है, ना मुसलमान आतंकवादी होता है। हर धर्म सद्भाव सत्य और अहिंसा का रुप है। केवल कुछ लोग होतें है जो कि धर्म का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए हथियार की तरह करते हैं। वही आतंकवाद को जन्म देते हैं। धार्मिक आधार पर कोई आतंकवाद नहीं होता है।
17 साल पहले हुआ था ब्लास्ट
29 सितंबर 2008 को मालेगांव के भीकू चौक पर बम विस्फोट हुआ था। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 101 लोग घायल हुए थे। इस केस में 7 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि बाइक पर विस्फोटक लगाकर ब्लास्ट किया गया।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया
NIA कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी को बरी कर दिया। मामले में कोई ठोस सबूत नहीं हैं। अभियोजन पक्ष ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने में विफल रहा है और संदेह से परे अपराध साबित करने में भी नाकाम रहा है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, अभियोजन पक्ष विस्फोट साबित करने में सफल रहा। लेकिन यह साबित नहीं कर सका कि बाइक में बम लगाया गया था। बम कहीं और रखे जाने की भी संभावना है। इस बात का कोई ठोस और विश्वसनीय सबूत नहीं है कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर बाइक की मालिक थीं या उनके पास यह वाहन था, क्योंकि विस्फोट से दो साल पहले ही वह संन्यासी बन गई थीं।

