बिहार में SIR पर सियासी घमासान: चिराग पासवान बोले- घुसपैठियों को वोट का अधिकार नहीं देंगे; तेजस्वी में हिम्मत है तो चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं
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कांग्रेस और RJD वोटर्स को डराकर चुनाव जीतना चाहते हैं- चिराग पासवान। (फाइल फोटो)
बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान सामने आया है। उन्होंने बिहार में हो रही मतदाता सूची में संशोधन का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि किसी भारतीय नागरिक को वोटिंग के अधिकार से वंछित नहीं रखा जाएगा। घुसपैठियों को वोटिंग का गलत इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनके पास सबूत हैं तो वो जनता को दिखाएं।
उन्होंने विपक्ष पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने पर तंज कसा। पासवान ने कहा कि जिस प्रक्रिया की उन्होंने पहले मांग की थी अब वह कैसे इसका विरोध कर रहे हैं। किसी भारतीय नागरिक के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा लेकिन घुसपैठियों को ‘राइट टू वोट’ का अधिकार नहीं दिया जाएगा।
चार बार पहले भी हो चुकी SIR- चिराग
केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) पहली बार नहीं हो रही है। इससे पहले 4 बार SIR हो चुकी है। इस बार भी SIR उसी तरह से की जा रही है, जैसे पिछली 4 बार हुई थी। उन्होंने कहा कि तुम कहते हो महाराष्ट्र में वोटर्स के नाम रातों रात जोड़ दिए गए, इसे तुम हार का दोष ठहरा रहे हो। अब जब इलेक्शन कमीशन इन मुद्दों को रिव्यू कर रहा है, फिर भी सवाल खड़े कर रहे हो।
पहले EVM, अब SIR मुद्दा बनाया- पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष केवल हंगामा करता है। सदन को चलने नहीं देते, उनका मकसद सिर्फ माहौल बिगाड़ना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले EVM पर दोष देता था, अब इन्होंने SIR को मुद्दा बना लिया है। विपक्ष अपनी हार स्वीकर कर चुका है। इसलिए अब केवल वह बहानेवाजी कर रहा है।
'हिम्मत है तो चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं'
हाल ही में RJD नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। इस पर उन्होंने कहा कि तेजस्वी सिर्फ धमकी देते हैं, अगर उनमें सच में हिम्मत है तो चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं। इनकी सारी बातें खोखली है। कांग्रेस और RJD वोटर्स को डराकर चुनाव जीतना चाहते हैं।
क्या है SIR जिस पर हो रहा हंगामा
स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) वोटर लिस्ट में संसोधन और सत्यापन की प्रोसेस है। इसमें यह जांचा जाता है कि वोटर लिस्ट में मौजूद वोटर्स योग्य है या नहीं।
वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम हटाए जाएंगे
बिहार में SIR के आधार पर चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि 65 लाख से अधिक अयोग्य वोटर्स के नाम हटाए जाएंगे। इनमें मृतक, किसी और जगह वोटर लिस्ट में नाम और दो जगह पंजीकृत मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग (EC) ने पॉलिटिकल पार्टी और वोटर्स से आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कहा है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को होगा। अभी बिहार में 7.90 करोड़ वोटर्स हैं।

