छत्रपति संभाजीनगर में माता-पिता, बेटे की मौत केस: आईफोन EMI की बात अफवाह; माता-पिता को साथ लाना चाहता था कुणाल
Published:
3 min read

कुणाल के माता-पिता ने 22 साल पहले लव मैरिज की थी। उनके बीच कुछ प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद था।
नेशनल डेस्क. छत्रपति संभाजीनगर में माता-पिता और बेटे के पहाड़ी के कूदने के मामले में अपडेट आया है। रिश्तेदारों के मुताबिक, iPhone की EMI वाली बात महज एक अफवाह थी। रिश्तेदारों के मुताबिक, 19 साल के कुणाल चंदगुडे की इच्छा थी कि उसके माता-पिता आपसी विवाद सुलझा लें और साथ रहें।
यह घटना 21 अगस्त को हुई, जब मुताबिक कुणाल ने वालुज में एक पहाड़ी की चोटी से छलांग लगा दी। उसके पिता मुरलीधर ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उनका संतुलन बिगड़ गया और वे भी पहाड़ी से नीचे गिर गए। अपने पति और बेटे को गिरते देख संगीता ने भी छलांग लगा दी। हादसे में तीनों की जान चली गई।
प्रॉपर्टी को लेकर परिवार में विवाद था
संगीता के मायके वालों ने कहा, प्रॉपर्टी को लेकर पति-पत्नी के बीच के विवाद होता था। उन्होंने बताया, कुणाल अपने माता-पिता को एक साथ लाना चाहता था और चाहता था कि वे अपने मतभेद सुलझा लें।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, संगीता की बहन पल्लवी पाटिल ने कहा- कुणाल ने 10वीं क्लास में 82% नंबर हासिल किए थे। वह डॉक्टर बनना चाहता था। उन्होंने कहा- आईफोन वाली बात महज एक अफवाह है। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें फैलाने वालों को कुछ नहीं पता।
यह खबर भी पढ़ें-
iPhone की EMI के झगड़े में खत्म हो गया पूरा परिवार: महाराष्ट्र में बेटे को बचाने गए पिता भी पहाड़ी से गिरे, सदमे में मां ने भी छलांग लगा दी; तीनों की मौत
22 साल पहले लव मैरिज की थी
मुरलीघर की बहन शोभा राजेंद्र मास्के ने कहा- उन्होंने 22 साल पहले लव मैरिज की थी। घरवालों ने नाराज होकर इस शादी में शामिल नहीं हुए थे। शोभा ने बताया कि शादी के बाद मुरलीधर और उनके परिवार के बीच रिश्ते खराब हो गए थे।
मुरलीधर ट्रक डाइवर थे, जबकि संगीता हाउसवाइफ थी। वह यूट्यूब पर भी वीडियो अपलोड करती थी। उसके 29 हजार से अधिक सब्सक्राइबर भी थे। वह अपने बेटे कुणाल के साथ मोटिवेशनल वीडियो शेयर करती थी।
क्या हुआ था उस दिन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहस के बाद कुणाल सुबह करीब 10 बजे खावड्या पहाड़ी के लिए निकल गया। परिवार को डर था कि वह कोई बड़ा कदम उठा सकता है। इसीलिए माता-पिता भी उसे समझाने के लिए पहाड़ी पर पहुंचे।
माता-पिता ने गांव के बाकी लोगों और पुलिस को भी इस बात की जानकारी दे दी थी। ऐसे में गांव के लोग, पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। बचाव दल ने कुणाल को मनाने की कोशिश की लेकिन वह पहाड़ी के किनारे इधर-उधर चलता रहा, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल हो गया। नीचे सुरक्षा जाल लगाने की भी तैयारी थी लेकिन इससे पहले ही हादसा हो गया।

