केंद्र की किसानों को सौगात: गेहूं-चना, मसूर समेत 6 फसलों की MSP बढ़ाई; जानें अब किस कीमत पर होगी इनकी खरीद
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केंद्र ने रबी की 6 फसलों- गेहूं, चना, जौ, मसूर, सरसों और कुसुम की फसल की MSP बढ़ाने का फैसला किया है।
नेशनल डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल कमेटी ने साल 2027-28 के लिए गेहूं-चना समेत 6 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने को मंजूरी दी है। MSP में सबसे अधिक वृद्धि कुसुम में की गई है। अब कुसुम की नई MSP 675 रुपए बढ़कर 7215 हो गई है।
इन 6 रबी फसलों की MSP बढ़ी
फसल | पुरानी MSP (₹/क्विंटल) | नई MSP (₹/क्विंटल) | वृद्धि (₹/क्विंटल) |
गेहूं | 2585 | 2610 | 25 |
जौ | 2150 | 2286 | 136 |
चना | 5875 | 5958 | 83 |
मसूर | 7000 | 7390 | 390 |
सरसों | 6200 | 6613 | 413 |
कुसुम | 6540 | 7215 | 675 |
सरकार की ओर से कहा गया है कि सीजन 2027-28 के लिए रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में MSP को औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर करने की दिशा में है। औसत उत्पादन लागत पर अब मार्जिन गेहूं के लिए 106%, उसके बाद सरसों और रेपसीड के लिए 96%, मसूर के लिए 92%, चना के लिए 59%, जौ के लिए 58%, और कुसुम के लिए 50% है। रबी फसलों के इस बढ़े हुए MSP से किसानों को लाभकारी मूल्य मिलेगा।
फसलों की खरीद भी बढ़ी
2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं की खरीद 3715 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ गई है, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 2254 लाख मीट्रिक टन थी। इसी प्रकार, 2014-15 से 2025-26 के दौरान रबी की 6 फसलों की खरीद 3921 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ गई है, जो 2004-05 से 2013-14 के दौरान 2302 लाख मीट्रिक टन थी।
पीएम मोदी ने कहा- किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए कसर नहीं छोड़ रहे
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- देशभर के किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही उनकी आय में बढ़ोतरी के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने 2027-28 के मार्केटिंग सीजन के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि MSP में वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित होगा।
क्या होती है MSP
MSP वह न्यूनतम कीमत है, जिस पर सरकार किसानों की फसल खरीदने का समर्थन मूल्य तय करती है। उदाहरण के लिए मान लीजिए सरकार ने जैसे इस बार गेहूं का MSP ₹2610 प्रति क्विंटल तय किया है। इसका मतलब यह है कि सरकार अपनी खरीद व्यवस्था में गेहूं को इस तय कीमत के आसपास खरीद सकती है, ताकि बाजार भाव बहुत गिरने पर किसानों को सुरक्षा मिल सके।

