CEC ज्ञानेश कुमार के UP में 2 प्रोग्राम टले: मेरठ में युवा वोटर्स से मिलना था, वाराणसी का Gen-Z इवेंट भी पोस्टपोन; EC अफसर बोले- विवाद से कोई लेना-देना नहीं
Published:
3 min read

चुनाव आयोग पर आई 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के बाद CEC ज्ञानेश कुमार विपक्ष के टारगेट पर हैं। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश में होने वाले दो चुनावी जागरूकता प्रोग्राम टल गए हैं। इनमें मेरठ में 25 सितंबर यानी आज युवा वोटर्स के साथ बातचीत और वाराणसी में 28 सितंबर को Gen-Z वोटर्स के साथ होने वाला इवेंट शामिल है। इन दोनों प्रोग्राम का आयोजन Electoral Literacy Club (ELC) के तहत होना था।
प्रोग्राम ऐसे समय में टले हैं, जब चुनाव आयोग के अंदर मतभेद को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर लिखित आपत्ति जताई थी। इनमें वोटर्स के नाम जोड़ने, हटाने और दोबारा जोड़ने के साथ-साथ वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस में बदलाव और वोटर डाटा सॉफ्टवेयर में दिक्कतों जैसे मुद्दे शामिल थे। ऐसे में CEC के प्रोग्राम टलने को इस कंट्रोवर्सी से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रोग्राम टलने पर चुनाव आयोग का क्या कहना है?
मीडिया रिपोर्ट्स में ECI के एक अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव आम बात है और यह पहले भी होता रहा है। वेन्यू की अवेलेबिलिटी, बड़े अधिकारियों का शेड्यूल और मौसम जैसी वजहों के कारण इवेंट पोस्टपोन होते रहे हैं। हाल ही में हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में ELC से जुड़े कार्यक्रमों की तारीख बदली गई थी।
अधिकारी ने यह भी साफ किया है कि कार्यक्रमों को टालने का मौजूदा विवाद से कोई संबंध नहीं है। दोनों प्रोग्राम की तारीख बदलने का फैसला 21 सितंबर को ही लिया गया था और उसी दिन अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई थी।

कौन से प्रोग्राम होने थे?
ECI का Electoral Literacy Club स्कूलों और कॉलेजों में चलने वाला वोटर एजुकेशन प्रोग्राम है। इसका मकसद खास तौर पर युवा और पहली बार वोट डालने वाले लोगों को चुनावी प्रोसेस से जोड़ना है। इसमें वोटर रजिस्ट्रेशन, मतदान, वोटों की गिनती और चुनाव आयोग की भूमिका जैसी चीजें समझाई जाती हैं।
फिलहाल आयोग ELC 2.0 के तहत अलग-अलग राज्यों में रिजनल कॉन्फ्रेंस कर रहा है। उत्तर प्रदेश में भी इसी अभियान के तहत ये प्रोग्राम होने थे। यह आउटरीच 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आयोग की मतदाता जागरूकता मुहिम का हिस्सा है।
मेरठ में शुक्रवार (25 सितंबर) को होने वाले प्रोग्राम में युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं से बातचीत होनी थी। इसके बाद 28 सितंबर को वाराणसी में इसी तरह का Gen-Z आउटरीच इवेंट रखा गया था।
यह भी पढ़ें...

