राहुल गांधी के दावों पर EC का खंडन: हाउस नंबर-0 से लिस्ट में कई बार नाम... CEC ने सारे आरोपों का दिया जवाब; बोले- हलफनामा दीजिए या माफी मांगिए
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मुख्य चुनाव आयुक्त गणेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब दिए
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों पर जवाब दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने राहुल गांधी के दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि बिहार में हुई SIR (स्पेशल इंटेनशिव रिवीजन) को लेकर अभी तक एक भी शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
उन्होंने बिना राहुल गांधी का नाम लिए कहा कि CEC कुमार ने कहा कि PPT प्रजेंटेशन करके मतदाताओं की गलत जानकारी दिखाई गई। उन्होंने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा कि 7 दिन के अंदर एफिडेविट दें या फिर देश से माफी मांगे।
राहुल गांधी ने लगाए थे आरोप
7 अगस्त को राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर मतदाता कार्ड में मिलिभगत का आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने कर्नाटक में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा का उदाहरण दिया था। 2023 में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि महादेवपुरा की तरह ही पूरे देश में मतदाता लिस्ट के संकेत हैं।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेस करके चुनाव आयोग पर डुप्लीकेट एंट्री, कई घरों के एक ही नंबर और एक छोटे घर में दर्जनभर वोटर शामिल थे।
1. एक ही एड्रेस वाले मतदाता
चुनाव आयोग ने कहा कि देश की पंचायतों में लाखों घर हैं, उनके घरों के कोई नंबर नहीं है इसलिए उन्हें जीरो नंबर दिया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि कई लोग पुल के नीचे, बिजली के खंबे के पास और कई लोग अवैध कॉलोनियों में रहते हैं। बिना पते के आधार पर भी आयोग वोटर का नाम जोड़ता है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पता मतदाता सूची में नाम जोड़ने की शर्त में नहीं आता। सूची में नाम जोड़ने के लिए देश का नागरिक और 18 साल की उम्र मायने रखती है।
2. मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग 75 सालों से पूरी कर्मठता के साथ काम कर रहा है। चुनाव आयोग पर निराधार आरोप लगाएंगे और कहेंगे कि चोरी हो रही है तो ये गलत है। अगर किसी व्यक्ति के दो जगह वोट भी हों, तब भी वह एक ही जगह वोट करने जाता है। दो जगह वोट करना क़ानूनी अपराध है और अगर कोई व्यक्ति ऐसा कहता है, तो सबूत चाहिए। सबूत मांगा था, लेकिन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अगर मतदाता सूची में आपका नाम एक बार और है, तो आपने दो बार मतदान किया होगा। आपने वोटर्स को अपराधी बना दिया। और चुनाव आयोग शांत रहे, ऐसा संभव ही नही होगा। उन्होंने कहा कि हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी। तीसरा विकल्प नहीं है। अगर 7 दिन में हलफनामा नहीं मिला तो, इसका अर्थ है सारे आरोप निराधार हैं। जो भी यह कह रहा है उसे माफी मांगनी होगी।
3.बिहार SIR
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पिछले 20 सालों में SIR नहीं किया गया। SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना। राजनीतिक दलों से कई शिकायतें मिलने के बाद SIR किया जा रहा है। उन्होंने कहां कि पश्चिम बंगाल के SIR की तारीख का सवाल है तो हम तीनों कमिश्नर उचित समय देखकर निर्णय लेंगे।
4. भारत का नागरिक ही वोटर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत के संविधान के अनुसार, केवल भारत के नागरिक ही विधायक, सांसद का चुनाव कर सकते हैं, किसी अन्य देश के नागरिकों को यह अधिकार नहीं है। अगर ऐसे लोगों ने गणना फॉर्म भरा है, तो SIR प्रक्रिया में उनकी पात्रता साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं, जिनकी 30 सितंबर तक पूरी जांच होगी और ऐसे केस में गहन जांच के दौरान ऐसे लोग पाए जाएंगे जो हमारे देश के नागरिक नहीं हैं और निश्चित तौर से उनका वोट नहीं बनेगा।
5. चुनाव को चुनौती देने का अधिकार
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि एक बार जब अंतिम लिस्ट जारी हो जाती है, तो लिस्ट राजनीतिक दलों के साथ भी शेयर की जाती है और अंतिम सूची भी राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाती है, यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होती है। प्रत्येक उम्मीदवार को एक पोलिंग एजेंट नामित करने का अधिकार है और यही सूची पोलिंग एजेंट के पास भी होती है। रिटर्निंग ऑफिसर के रिजल्ट घोषित करने के बाद भी 45 दिनों के भीतर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं और चुनाव को चुनौती दे सकते हैं। जब 45 दिन पूरे हो गए, जब किसी भी पार्टी को 45 दिनों में कोई गलती नहीं मिली, तो आज इतने दिनों के बाद, इस तरह के निराधार आरोप लगाने के पीछे उनका मकसद क्या है, यह पूरे देश के लोग समझते हैं।

