श्रीनगर की हजरतबल दरगाह में अशोक चिन्ह तोड़ा: 25 लोग हिरासत में; उपद्रवियों के बचाव में बोले CM उमर अब्दुल्ला- राष्ट्रीय चिन्ह धार्मिक संस्थानों के लिए नहीं
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जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में शिलापट्ट पर लगे अशोक चिन्ह को शुक्रवार को कुछ उपद्रवियों ने तोड़ दिया था। इसका वीडियो भी सामने आया था।
जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में शिलापट्ट पर लगे अशोक चिन्ह को ईद ए मिलाद पर कुछ उपद्रवियों ने तोड़ दिया। तोड़फोड़ का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने 25 लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, इन्हें पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है।
तोड़फोड़ करने वालों के समर्थन में उतरीं राजनीतिक पार्टियां
जम्मू कश्मीर की राजनीतिक पार्टियां इस मामले में तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों का बचाव करती नजर आईं। राजनीतिक दलों ने वक्फ बोर्ड चीफ दरख्शां अंद्राबी पर मस्जिद में राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल करके धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की।
'मस्जिदें, दरगाहें, मंदिर और गुरुद्वारे सरकारी संस्थाएं नहीं'
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, वक्फ बोर्ड को इस गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए। मैंने कभी किसी धार्मिक स्थल पर इस तरह से प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल होते नहीं देखा। मस्जिदें, दरगाहें, मंदिर और गुरुद्वारे सरकारी संस्थाएं नहीं हैं। ये धार्मिक संस्थाएं हैं और धार्मिक संस्थाओं में सरकारी प्रतीक चिन्हों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय प्रतीक सरकारी कामों के लिए होते हैं, न कि धार्मिक संस्थानों के लिए।
उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और सीपीआईएम ने कहा, मस्जिद में अशोक चिह्न का इस्तेमाल भड़काऊ और ईशनिंदा वाला था। उधर, बीजेपी ने पलटवार कर पूरे घटना की निंदा की और इसे घाटी में आतंकवाद और अलगाववाद को फिर से खड़ा करने की कोशिश बताया।
अशोक चिन्ह देख भड़के लोग
दरअसल, हजरतबल दरगाह का हाल ही में नवीनीकरण कराया गया। इसके बाद यहां एक शिलापट्ट लगाया गया था। इसमें अशोक चिन्ह भी था। कुछ लोग जब शुक्रवार को नमाज पढ़ने पहुंचे तो इसे देखकर भड़क गए और इसे इस्लाम के खिलाफ बताकर पट्टिका को तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
'आतंकियों से कम नहीं तोड़फोड़ करने वाले'
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरख्शां अंद्राबी ने तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, जिन लोगों को अशोक स्तंभ के इस्तेमाल से समस्या है, उन्हें दरगाह जाते समय नोट भी नहीं ले जाने चाहिए। इनमें भी प्रतीक चिह्न होते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों की तुलना आतंकियों से की।
CM अब्दुल्ला ने अंद्राबी के बयान पर पलटवार किया
अब्दुल्ला ने अंद्राबी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, वक्फ बोर्ड लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहा है और अब धमकियां भी दे रहा है। पहले कम से कम अपनी गलती मानना चाहिए और राष्ट्रीय चिन्ह का इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए कि आगे ऐसा नहीं होगा।

