PAK ने नहीं ली घुसपैठिए की डेडबॉडी: 48 घंटे तक करता रहा ना-नुकुर, BSF ने दिए पुख्ता सबूत तो रेंजर्स ने कबूला मरने वाला पाकिस्तानी
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BSF के जवानों ने सोमवार को जम्मू के कठुआ में एक पाकिस्तान के घुसपैठिए को मार गिराया। हालांकि पाकिस्तानी रेंजर्स ने शव लेने से मना कर दिया। (सिम्बोलिक इमेज)
पाकिस्तान का दोहरा रवैया एक बार फिर बेनकाब हुआ है। जम्मू के कठुआ सेक्टर में सोमवार को BSF ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया गया। हालांकि, जब सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी रेंजर्स से कॉन्टैक्ट किया तो उन्होंने शख्स को पाकिस्तानी नागरिक मानने से ही इनकार कर दिया। करीब 48 घंटे तक ना-नुकुर करते रहे। जब BSF ने पुख्ता सबूत सामने रखे तो आखिरकार कबूल लिया कि शख्स पाकिस्तान का ही नागरिक था।
घुसपैठिए के पैर में लगी थी गोली
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के मुताबिक, पाकिस्तानी घुसपैठिए को पैर में गोली लगी थी। ज्यादा ब्लड लॉस होने की वजह से उसकी उसी दिन मौत हो गई। तुरंत बाद BSF ने इसकी जानकारी पाकिस्तानी रेंजर्स को दी। इसके बावजूद उनकी ओर से दो दिन तक कोई जवाब नहीं दिया। बाद में आर्मी ने फ्लैग मीटिंग बुलाकर यह मुद्दा उठाया।
प्रोटेस्ट नोट लेने से भी इनकार
BSF ने घटना के तुरंत बाद प्रोटेस्ट नोट देना चाहा, जो दोनों देशों के बीच का एक आर्मी प्रोटोकॉल है। रेंजर्स ने न सिर्फ उसे लेने से मना कर दिया, बल्कि घुसपैठिए की डेडबाॅडी लेने से इनकार कर दिया। सोमवार की फ्लैग मीटिंग में भी यही रवैया रहा। मंगलवार को फिर बैठक हुई, पर रेंजर्स डेडबॉडी लेने के लिए तैयार नहीं हुए।
हेडक्वार्टर से मंजूरी का बहाना बनाया
आखिरकार बुधवार दोपहर फ्लैग मीटिंग के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रोटेस्ट नोट स्वीकार किया। हालांकि डैडबाॅडी लेने से मुकर गए। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि यह बेहद शर्मनाक है। पहले प्रोटेस्ट नोट सेक्टर या कंपनी कमांडर स्तर पर तत्काल कबूल कर लिया जाता था। इस बार पाकिस्तानी ओर से साफ कहा गया कि वे पहले लाहौर मुख्यालय से मंजूरी लेंगे। इसके बाद ही डेडबॉडी कबूल की जाएगी।
डर या चालाकी
आर्मी एक्सपर्ट का मानना है कि पाकिस्तान का यह व्यवहार दो कारणों से हो सकता है- या तो वह सीमा पर हुई नाकाम घुसपैठ को छुपाना चाहते हैं। या फिर यह एक सोची-समझी रणनीति है। इससे भारत पर दबाव बनाया जा सके और सीमा पर तनाव बना रहे। ये पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने अपने घुसपैठिए का शव लेने से इनकार किया है। पहले भी कई बार ऐसी हरकत कर चुका है।
पाकिस्तान खुद अपनी साख गिरा रहा
यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ मानवाधिकार और कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान बैकफुट पर है। कभी यह कश्मीर से 370 हटाने का राग अलापता है तो कभी सिंधु जल समझौता तोड़ने को ज्यादती बताता है। वहीं, दूसरी ओर रात के अंधेरे में घुसपैठियों को भारत में भेजने से भी बाज नहीं आ रहा।

