महिला पहलवान यौन शोषण केस: बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर बरी; कब क्या हुआ... यहां पूरी Timeline
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बृज भूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। उस वक्त वे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष थे। (फोटो- ANI)
नेशनल डेस्क. महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है। बृज भूषण पर 7 महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, उस वक्त वे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष भी थे। इनमें से एक नाबालिग पहलवान ने आरोपों को वापस ले लिया था।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण
कोर्ट के फैसले के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा- 18 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये एक साजिश है। अगर मेरे ऊपर कोई आरोप सही पाया जाएगा तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा और आज लगभग 3 साल बाद कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर का बरी किया है। मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैं हमेशा जो कमजोर थे, जिनका हक मारा जाता था मैं उनके पक्ष में खड़ा होता था। मुझे अपने आप पर विश्वास था। मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा। मेरे साथ न्याय हुआ। मैंने अपने आप को कभी अपराधी महसूस नहीं किया।
2 जुलाई को कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
राउज एवेन्यू कोर्ट चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) अश्विनी पंवार ने 2 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को दो हफ्ते में लिखित दलीलें पेश करने का निर्देश भी दिया था।
बृज भूषण पर किन धाराओं में मामला
बृज भूषण शरण सिंह पर IPC की धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354A (यौन उत्पीड़न) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप थे। वहीं, भारतीय कुश्ती संघ के सचिव विनोद तोमर पर आपराधिक धमकी का आरोप लगाया गया है।
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल, जनवरी 2023 में देश की कई चर्चित महिला पहलवानों (विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया समेत अन्य) ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया था और बृज भूषण पर कई पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। धरने के दौरान पहलवानों ने बृज भूषण की गिरफ्तारी और कुश्ती संघ से हटाने की मांग की थी।
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बृज भूषण सिंह तब कैसरगंज से बीजेपी सांसद थे। उन्हें पहलवानों के आरोपों के बाद संघ में अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। इसके बाद खेल मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय ओवरसाइट कमेटी बनाई। इसकी अध्यक्ष मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम थीं। इसके बाद पहलवानों ने धरना खत्म कर दिया था।

अप्रैल में दोबारा धरने पर बैठे पहलवान
हालांकि, अप्रैल में पहलवान दोबारा धरने पर बैठे। आरोप लगाया कि तीन महीने बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई और कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज कीं। पहली FIR एक नाबालिग पहलवान की शिकायत पर POCSO Act के तहत, दूसरी 6 महिला पहलवानों की शिकायत पर। दिल्ली पुलिस ने SIT का गठन किया। कई महिला पहलवानों, संघ के अधिकारियों और बृज भूषण से पूछताछ हुई।
28 मई 2023: पहलवानों का मार्च
नए संसद भवन के उद्घाटन वाले दिन पहलवानों ने मार्च निकाला। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और जंतर-मंतर का धरना स्थल खाली कराया। इसके बाद तत्कालीन खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से पहलवानों की बैठक हुई। सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया।
दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बृज भूषण पर IPC की धाराएं 354, 354A, 354D और 506 सहित विभिन्न आरोप लगाए गए। हालांकि, नाबालिग पहलवान ने बाद में आरोप वापस ले लिए, इसके बाद पुलिस ने POCSO मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।

